लखीमपुर खीरी। चंदनचौकी स्थित थारू शिल्पग्राम में पहली बार दशहरा मेला आयोजित किया गया है। इसमें विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प और खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही परंपरागत थारू नृत्य, गीत-संगीत आदि ने लोगों का मन मोह लिया है।
थारू शिल्पग्राम 27 सितंबर से शुरू हुआ। जिला प्रशासन, एकीकृत जनजाति विकास परियोजना व पर्यटन विभाग ने थारू जनजाति के हित के लिए दशहरा मेला आयोजित किया है। इसमें आवंटित दुकानों में समूह की महिलाओं ने हाथ से बने विभिन्न उत्पादों, जैविक खाद्य पदार्थ, परंपरागत परिधान आदि के स्टॉल लगाए गए हैं।
थारू जनजाति के स्वादिष्ट व्यंजन, जैसे पतौता, ढिकरी, मिसौला, लेछरा, चटनी व हाथ की रोटी, पकौड़े, बताशे, टिक्की आदि आकर्षण का केंद्र हैंं। इनकी खूब बिक्री हो रही है।
दशहरे मेले में जनजाति की महिलाओं-बालिकाओं ने परंपरागत परिधान पहनकर थारू व चौधरी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। परियोजना अधिकारी यूके सिंह ने क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने व जनजाति की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने से संबंधित योजनाओं की जानकारी साझा की।
कलाकारों ने मेले में आए लोगों का आभार व्यक्त किया। मेले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य नीरज सिंह, एसएसबी के प्रभारी असिस्टेंट कमांडेंट बलबीर सिंह, पर्यटन के जिला समन्वयक भूपेंद्र सिंह, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय की प्रधानाचार्य विद्यावती भारती, शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य बलदेव श्रीवास्तव आदि के अलावा कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन स्वाति वर्मा व नैन्सी गौतम ने किया।
कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं थारू जानजाति की युवतियां। स्रोत : विभाग