लखीमपुर खीरी। बारिश से एक तरफ खुशहाली आती है, तो दूसरी तरफ बाढ़ और कटान बर्बादी के निशान छोड़ जाती है। पलिया, निघासन, धौरहरा, गोला और लखीमपुर तहसील क्षेत्र में एक बार फिर से बाढ़-कटान का कहर शुरू हो गया है। किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं और खेतों के नदी में कटने से किसान हलकान हैैं। इस वर्ष बाढ़ से अब तक 6462.246 हेक्टेअर क्षेत्रफल में फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों को दो करोड़, नौ लाख रुपये की चपत लगने का अनुमान है।
बारिश सीजन में हर साल बाढ़-कटान की त्रासदी से लोगों को जूझना पड़ता है, जबकि राहत और बचाव के नाम पर करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट बनाए जाते हैं। इस वर्ष भी बारिश सीजन से पहले करोड़ों की लागत से करीब दर्जन भर परियोजनाओं पर काम कराया जा चुका है, फिर भी लोगों को बाढ़ की विभीषिका से निजात नहीं मिल पाई है। जनपद की दो प्रमुख नदियां शारदा और घाघरा के जलस्तर में वृद्धि होने से बाढ़ और पानी कम होने पर कटान शुरू हो जाता है। अभी तक बाढ़ से 129 गांव प्रभावित हुए हैं और आठ गांवों के संपर्क मार्ग कट चुके हैं।
इससे नदियों में नावों की मदद से आवागमन हो पा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से 21270 लोग प्रभावित हुए हैं। 53 हेक्टेअर जमीन कटान से नदियों की भेंट चढ़ चुकी है और खतरा अभी टला नहीं है। नदियों से होने वाले कटान की जद में आकर 20 पक्के मकान भी नष्ट हुए हैं। डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी है। साथ ही क्षतिग्रस्त हुए मकानों के स्वामियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कटान से प्रभावित किसानों को भी सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
बाढ़ राहत चौकी पूजागांव आषाढ़ी पहुंचे डीएम, प्रभावितों की सुनी समस्या
बिजुआ। डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने बृहस्पतिवार को तहसील गोला व ब्लॉक बिजुआ के बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। वह बाढ़ राहत चौकी व आश्रय स्थल पूजागांव-अषाढ़ी पहुंचे, जहां मौजूद जंगल नंबर नौ के मजरा कैलाशपुरवा, तेजीपुरवा सहित करसौर के मजरा नयापुरवा, चकपुरवा, कोरियाना, रूरा सुल्तानपुर के मजरा कोरियाना के बाढ़ व कटान पीड़ितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी।
उन्होंने राहत व बचाव के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। एसडीएम अखिलेश यादव ने क्षेत्र के मेरुण्ड गांव व प्रभावित परिवारों की संख्या बताई और इन्हें प्रदान की गई मदद की भी जानकारी दी। डीएम ने आवश्यकतानुसार फ्लड फाइटिंग के कार्य कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सिंधिया मार्ग, जौहरा गुरुद्वारा, मेहंदी मार्ग, चकपुरवा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने क्षतिग्रस्त हुए संपर्क मार्गों को जलस्तर कम होने पर दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिशासी अभियंता (बाढ़ खंड) राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई डीसी वर्मा, एक्सईएन (पीडब्ल्यूडी) एसएल गुप्ता, एसडीएम गोला अखिलेश यादव, एसडीएम अनुराग सिंह, बीडीओ देवेंद्र सिंह सिंचाई खंड प्रथम के सहायक अभियंता राजेश कुमार सहित पीडब्ल्यूडी, सिंचाई राजस्व के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद