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बर्ड फ्लू को लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट: मुर्गे-मुर्गियों को जंगल के रास्ते ले जाने पर प्रतिबंध

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किशनपुर सैंक्चुरी के झादीताल में विचरण करते प्रवासी परिंदे। (फाइल फोटो) - फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। पीलीभीत जिले के मृत पक्षियों में बर्ड फ्लू होने की पुष्टि के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी कर दिया गया है। खासकर जंगल से होकर गुजरने वाले रास्तों और वन बैरियर पर विशेष रूप से निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जंगल के रास्तों से मुर्गे-मुर्गियों को न लेजाया जा सके।
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पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र में मुर्गियों में बर्ड फ्लू में लक्षण मिलने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के अफसरों की चिंता बढ़ गई है। दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल से होकर कई रास्ते गुजरते हैं। कई गांव जंगल से बिल्कुल सटे हैं तो कई जंगल के अंदर तक बसे हैं। इसलिए दुधवा टाइगर रिजर्व बर्ड फ्लू के लिहाज से काफी संवेदनशील हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेजी से फैल रहे बर्ड फ्लू को लेकर चौकन्ने हुए दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल से होकर गुजरे महराज नगर, किशनपुर, कटैया, कांपटांडा, ऐलनगंज, चलतुआ, भरिगवां, भीरा-कुकरा रोड के रास्तों पर मुर्गा-मुर्गियों को लाने ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि जंगल के पक्षी उनके संपर्क में न आ सकें। जंगल के अंदर बसे चलतुआ, किशनपुर, कांपटांडा आदि गांवों पर विशेष निगरानी की जाएगी, जिससे गांवों के पालतू मुर्गे-मुर्गियां बत्तख आदि जंगल के रास्तों से न आने जाने पाएं। किशनपुर और कटैया गांव से कुछ दूरी पर किशनपुर सैंक्चुरी का झादीताल है। जहां बड़ी संख्या में स्थानीय परिंदे बसेरा करते हैं। सर्दियों के समय में हजारों की संख्या में 450 प्रजातियों के रंग-बिरंगे प्रवासी परिंदे भी यहां प्रवास के लिए आते हैं। ऐसे में इन प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। जंगल से गुजरने वाले रास्तों पर आने-जाने वाले वाहनों की वन बैरियर पर कड़ी जांच की जाएगी। वन कर्मियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जंगल से सटकर बसे गांवों के पालतू मुर्गा-मुर्गी और बत्तख जलाशयों और झीलों के किनारे न पहुंचने पाएं।
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पीलीभीत में बर्ड फ्लू के तेजी से फैलने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी कर दिया गया है। खासकर जंगल से होकर गुजरने वाले रास्तों और वन बैरियरों पर खास निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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- डॉ अनिल कुमार पटेल उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन।
कौओं के शव मिलने के बाद पशु चिकित्सकों ने शुरू किया जागरूकता अभियान
बांकेगंज। दो दिन पहले कस्बे से तीन किलोमीटर दूर खैरताली-कलीमपुर रोड किनारे दो कौए अस्वाभाविक रूप से मृत पाए गए थे, जिन्हें जांच के लिए आवीआरआई बरेली भेजा गया है। इसको लेकर पशु चिकित्सकों की टीम में शामिल बांकेगंज पशु चिकित्सालय के डॉ राघवेंद्र यादव, फार्मेसिस्ट संत कुमार राना ने गुरुवार को ब्लॉक क्षेत्र के खैरताली, कलीमपुर, मोतीपुर, कुकरा, मदरायां, पहाड़पुर आदि गांवों में भ्रमण कर जन जागरूकता अभियान शुरू किया। लोगों को बर्ड फ्लू के प्रति जागरूक किया गया। इधर, बांकेगंज पशु चिकित्सालय के डॉक्टर राघवेंद्र यादव ने बताया कि मृत मिले दोनों कौओं के शवों के सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। जिसकी जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कौओं की मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। संवाद
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