महेवागंज/ फूलबेहड़। संभावित बाढ़ से बचाव और राहत के लिए बृहस्पतिवार को प्रशासन ने फूलबेहड़ में मॉकड्रिल कराया। डीएम ने आपदा प्रबंधन की मौके पर समीक्षा की। श्रीनगर में स्वास्थ्य शिविर देखा।
तेंदुआ गांव के कर्बलास्थल पर सुबह 9 बजे प्रशासन और आपदा प्रबंधन के लोग पहुंच गए। ग्रामीणों को बाढ़ से सतर्क रहने के लिए अनाउंसमेंट किया गया। इस बीच बालूगंज में बाढ़ के पानी में एक नाव पलटने की सूचना मिली। फौरन स्टीमर बोट से एनडीआरएफ की टीम मौके पर रवाना हुई। टीम ने लोगों को डूबने से बचाया।
कुछ की हालत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए एंबुलेंस से स्वास्थ्य शिविर भेजा गया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी संकल्प शर्मा ने आपदा मित्र और एनसीसी कैडेट्स का हौसला बढ़ाया। बच्चों को बिस्कुट और टॉफी बांटीं। एसडीएम सदर अश्वनी सिंह, तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह, नायब अश्वनी कुमार ने मॉकड्रिल की कमान संभाली। मॉकड्रिल में अग्निशमन, कृषि, पशुपालन, पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, बाढ़ खंड समेत कई विभाग के लोग शामिल हुए।
बाढ़ में फंसे लोगों को राहत शिविर तक पहुंचाया
धौरहरा। बाढ़ कटान से बचाव के लिए चौधरी बेचे लाल महाविद्यालय में माॅकड्रिल इंसीडेंट कमांडेंट एसडीएम सेफ्टी ऑफीसर सीओ धौरहरा के नेतृत्व में किया गया। माॅकड्रिल में बाढ़ प्रभावित गांव रैनी जो शारदा नदी के पानी से घिर चुका है। बाढ़ में फंसे महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों सहित बच्चों को बाढ़ के पानी से सुरक्षित निकाल एंबुलेंस से बाढ़ राहत शिविर चौधरी बेचे लाल डिग्री कॉलेज तक लाया गया। जहां डाक्टर टीम ने बीमार लोगों का इलाज किया। इस माॅकड्रिल के दौरान प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार मिश्रा ईसानगर प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार गंगवार, खमरिया निरीक्षक ओपी राय सहित फायर ब्रिगेड, होमगार्ड बटालियन लेखपाल राजस्व निरीक्षक मौजूद रहे। संवाद
गोला में अग्निकांड व निघासन में बाढ़ से बचाव का कराया मॉकड्रिल
गोला गोकर्णनाथ। केन ग्रोवर्स नेहरू पीजी कॉलेज के मैदान में बाढ़ व अग्निकांड से बचाव का मॉकड्रिल किया गया। बाढ़ एवं अग्निकांड की घटनाओं के दृश्यों को रीक्रिएट कर सिनारियो वाइज मॉक ड्रिल किया गया।
एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता की मौजूदगी में सीओ गवेंद्र पाल गौतम के मार्गदर्शन में पुलिस सुरक्षा, तहसीलदार भीमचंद्र के नेतृत्व में राहत बचाव कार्य, सीएचसी अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार के नेतृत्व में चिकित्सा, प्राथमिक उपचार, फायर ब्रिगेड इंचार्ज सुरेंद्र सिंह शिंदे के नेतृत्व में अग्निकांड से बचाव का पूर्व अभ्यास किया गया। इस मौके पर सशस्त्र सीमा बल के पर्यवेक्षक अजय बहादुर सिंह, नायब तहसीलदार सर्वेश कुमार यादव, प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह, एनसीसी कैडेट, विद्यालयों के प्रधानाचार्य आदि मौजूद रहे। संवाद
निघासन : बाढ़ में फंसे लोगों को बचाया
निघासन। रामाधीन इंटर कॉलेज मैदान में बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बचाने का मॉकड्रिल किया गया। बाढ़ पीड़ितों को बचाने के बाद उनको चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार मुहैया कराया।
मॉकड्रिल में दौलतापुर गांव के पास बह रही शारदा नदी में बाढ़ राहत एवं बचाव अभियान का जीवंत प्रदर्शन किया गया। अभ्यास में नावों व विशेष बचाव उपकरणों की मदद से नदी में डूबते साइकिल सवार चुन्नीलाल (68) पुत्र बनवारी निवासी धन्ना पुरवा और दीपक (22) पुत्र लक्ष्मीनरायन निवासी नौगवां सहित सहित ग्रामीणों, परिवारों, पशुओं को सुरक्षित निकाला गया। 70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की आरआरटी (रेपिड रेस्पांस टीम) ने भी मोर्चा संभाला। बचाव अभियान में सहायक कमांडेंट रूप लाल, निरीक्षक हिमांशु शेखर सहित पूरी टीम मुस्तैदी से तैनात रही। इस मौके पर नोडल अधिकारी एसडीएम राजीव निगम, सीओ महक शर्मा, तहसीलदार मुकेश वर्मा, निघासन कोतवाल महेशचंद, मझगईं कोतवाल राजू राव, नायब तहसीलदार दिव्यांशु शाही आदि मौजूद रहे। संवाद
इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में होती रही निगरानी
लखीमपुर खीरी। कलक्ट्रेट में स्थित जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया गया, जहां से मॉकड्रिल की पूरे समय निगरानी की जाती रही। साथ ही शासन को भी सूचनाएं भेजी जाती रहीं। एसडीएम अमिता यादव की निगरानी में सेंटर का संचालन हुआ, जबकि दैवीय आपदा प्रभारी एसीआरए राम नरेश और आपदा विशेषज्ञ अंकित कुमार राज ने राहत व बचाव से जुड़ी सूचनाओं को विभागीय टीमों तक पहुंचाया। आपदा की सूचना, अलर्ट और समन्वय की हर कड़ी यहां से नियंत्रित की गई।
बाढ़ पीड़ित को ले जाते स्वास्थ्य कर्मी-संवाद
बाढ़ पीड़ित को ले जाते स्वास्थ्य कर्मी-संवाद