अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए नलकूप चालक। स्रोत: कर्मचारी
लखीमपुर-खीरी। एक नलकूप चालक को 10 से 12 नलकूपों का संचालन करना पड़ता है। कई नलकूपों के बीच की दूरी 45 से 50 किलोमीटर तक है। ऐसे में आधार बेस्ड अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने पर दिक्कत होने की आशंका जताते हुए नलकूप चालकों ने इससे छूट की मांग की है।
सिंचाई संघ की बुधवार को हुई आकस्मिक बैठक के बाद संघ ने नलकूप खंड-प्रथम के अधिशासी अभियंता अमरनाथ मिश्र को ज्ञापन दिया।नलकूप चालकों ने कहा कि डीएम ने 25 अगस्त, 2026 को पत्र जारी कर आधार बेस्ड अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। उनकी कार्यप्रणाली अन्य कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों से अलग है।
एक चालक की जगह 10 से 12 नलकूपों की जिम्मेदारी होती है। एक दिन में कई नलकूपों का संचालन करना पड़ता है। कई स्थानों पर नलकूपों की दूरी 45 से 50 किलोमीटर तक है। इसके बावजूद उन्हें बाइक भत्ता भी नहीं दिया जाता है।
ज्ञापन में बताया गया कि उनकी सेवा नियमावली में मौसम के अनुसार ड्यूटी का समय तय है। गर्मी में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह सात से दोपहर 12 बजे और अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक ड्यूटी होती है। सर्दियों में एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सुबह आठ से दोपहर एक बजे और अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक ड्यूटी का समय निर्धारित है।
नलकूप चालकों ने कहा कि कई बार नेटवर्क की समस्या रहती है। ऐसे में आधार बेस्ड अटेंडेंस लगाने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने इस व्यवस्था से छूट देने की मांग की। चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे सिर्फ एक नलकूप का संचालन करने का निर्णय लेने के लिए मजबूर होंगे।
-
नलकूप चालकों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अपनी समस्याओं का जिक्र किया है। यह ज्ञापन को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
-अमरनाथ मिश्र, अधिशासी अभियंता, नलकूप