वासंतिक नवरात्र शुक्रवार से शुरू हो रहे हैं। गुरुवार को पूरे दिन देवी मंदिरों को सजाने संवारने का काम जारी रहा। मंदिरों को रंग बिरंगी बिजली की झालरों और फूलों से सजाया गया। संकटादेवी मंदिर में रोज होने वाले देवी जागरण के लिए भव्य पंडाल सजाया गया हैं। मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ को संभालने और दर्शन कराने की तैयारियां भी की गई हैं।
शहर के प्राचीन संकटादेवी मंदिर में स्थापना के लिए कई दिन से चल रहा मूर्ति निर्माण का काम पूरा हो गया है। शुक्रवार को इस प्रतिमा का भव्य शृंगार कर उसे स्थापना के लिए तैयार कर लिया गया। यह प्रतिमा मंदिर प्रांगण में बने भव्य पंडाल में स्थापित की जाएगी। मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों को मंदिर पहुंचने में दिक्कत न हो इसके लिए संकटादेवी पुलिस चौकी के पास से इस रोड पर चौपहिया वाहनों और रिक्शों का आवागमन बंद रहेगा।
शीतलादेवी मंदिर और वंकटादेवी मंदिर को नवरात्र के लिए फूलों और बिजली की झालरों से सजाया गया है। संकटादेवी को मां महालक्ष्मी, मां शीतलादेवी को मां महागौरी और वंकटादेवी को मां सरस्वती का स्वरूप माना जाता है। इसके चलते पूरे नवरात्र तीनों मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
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कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह से दिन में 2:26 बजे तक
देवकली आश्रम के आचार्य राजेश शास्त्री ने बताया कि नवसंवत्सर 2073 शुक्रवार आठ अप्रैल से शुरू हो रहा है। शुक्रवार से ही वासंतिक नवरात्र प्रारंभ हो रहा है। कलश स्थापन प्रात:काल से लेकर दिन में 2:26 बजे तक किसी भी समय अथवा मध्यम अभिजित 11:36से 12:24 बजे के बीच विशेष शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। चैत्र नवरात्र आठ दिन का होगा क्योंकि 11 अप्रैल सोमवार को पंचमी तिथि का क्षय हो गया है वासंतिक नवरात्र में नव दुर्गा के साथ नव गौरी के दर्शन पूजन का विधान है। अष्टमी तिथि का मान एवं व्रत 14 अप्रैल को किया जाएगा। रामनवमी पर्व 15 अप्रैल को मनाया जाएगा। नवरात्र अनुष्ठान की समाप्ति से संबंधित हवन पूजन नवमी तिथि के अंदर ही कर लिया जाएगा। नवरात्र व्रत का परायण 16 अप्रैल को सुबह किया जाएगा।
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नवरात्र के चलते बाजार में बढ़ी रौनक
वासंतिक नवरात्र के चलते शुक्रवार को बाजार में खासी रौनक रही। पूजन सामग्री के अलावा फलाहार के लिए फल, सब्जी, मेवा आदि खरीदने वाले लोगों की भीड़ रही। किराने की दुकानों पर लोगों ने हवन सामग्री, धूप, अगरबत्ती, नारियल, मेवा, कूटू का आटा खरीदा तो फलाहार के लिए फल, मिठाई और सब्जियों की दुकानों पर भी दिन भर भीड़ भाड़ रही। महिलाओं ने झंडा, तूल का कपड़ा, चुन्नी, और शृंगार सामग्री खरीदी।
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फलाहार को फल और सब्जियों की मांग बढ़ी
नवरात्र पर फलों और फलाहार में काम आने वाली सब्जियों जैसे आलू और लौकी के अलावा फलों की मांग भी बढ़ गई है। मांग बढने से इनके मूल्यों में भी कुछ बढ़ोतरी हुई है। सूखे मेवे और बिना अनाज की मिठाइयों की भी गुरुवार को खूब बिक्री हुई।