- दीपावली नजदीक बढ़ा मिलावट का खतरा
- 41 व्यापारियों पर बोल चुके 12.23 लाख जुर्माना
- अप्रैल से अब तक 1381 छापे, 142 नमूने भरे
दीपावली के नजदीक आते ही बाजार में मिठाइयों की डिमांड बढ़ गई है, जिससे मुनाफाखोर सक्रिय हो गए हैं। उत्पादन से कई गुना बिक्री बढ़ने से नकली मावा से मिठाई बनाने का खतरा है, जो लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। एफएसडीए टीम ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को टीम ने पान मसाला ब्रांड कमला पसंद और रायल के नमूने लिए हैं।
मिलावट खोरी की जड़े इतनी पैठ बना चुकी हैं कि जुर्माना जैसी कार्रवाइयों का असर नहीं हो रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अप्रैल से सितंबर 2016 तक 1381 दुकानों पर छापेमारी कर 142 नमूने भरे थे, जिनमें रिपोर्ट आने पर आरोपी 41 व्यापारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमे दायर किए गए थे। इन व्यापारियों पर एडीएम कोर्ट 12.23 लाख रुपये जुर्माना डाल चुकी है। कार्रवाई के दौरान टीम ने एक्सपायर हो चुका 50 बोतल सोडा, करीब 23 लीटर दूषित चाशनी, 90 किलो दूषित लड्डू, खोया और मिठाई, एक्सपायरी डेट की 187 कोल्ड ड्रिंक नष्ट कराया है। इसके अलावा छापों के दौरान एक्सपायरी डेट का 14 पैकेट बावर्ची ब्रांड वनस्पति घी, 150 पैकेट बिस्कुट, 11 कैरेट दूषित पेठा, 100 किलो बर्फी एवं खोया नष्ट कराया जा चुका है। जबकि बगैर लाइसेंस के बेचे जा रहे 16600 पानी के पाउच भी जब्त किए जा चुके हैं।
बाक्स=वर्जन
इस माह नवरात्र और दशहरा पर अभियान चलाकर 17 नमूने लिए गए हैं। 19 और 20 अक्तूबर को विशेष अभियान में पान मसाला के नमूने लिए गए हैं। शुक्रवार से मिठाई एवं खाद्य पदार्थों का निरीक्षण किया जाएगा।
डॉ अमर सिंह वर्मा, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए