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लागत कम करने की कोशिश में 13 सड़कों का निर्माण अटका

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लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले की 13 सड़कों के रीडिजाइन (नवनिर्माण) का प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद निर्माण अटक गया है। विभाग ने एक करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से एस्टीमेट बनाया था, लेकिन मंत्रालय ने अन्य जिलों में 80 लाख रुपये प्रति किलोमीटर लागत आने का हवाला देते हुए निर्माण पर रोक लगा दी है। साथ ही विभागीय एक्सईएन से सवाल किया है कि खीरी में सड़क निर्माण में 20 लाख लागत ज्यादा क्यों है?
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वर्ष 2020-21 में जनपद की 17 सड़कों को पीएमजीएसवाई के तहत रीडिजाइन किया जाना था, जिसमें से चार सड़कों का नवनिर्माण करने का काम शुरू करा दिया गया है। वहीं 13 सड़कों का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है। इसमें लागत को लेकर पेच फंस गया है, क्योंकि विभाग ने इन सड़कों के निर्माण पर एक करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर लागत का एस्टीमेट बनाकर भेजा था। मंत्रालय ने अन्य जनपदों से 80 लाख रुपये में सड़क बनाए जाने के प्रस्तावों का हवाला देते हुए एक्सईएन से खीरी में निर्माण की लागत ज्यादा होने पर जवाब मांगा है। इस पर एक्सईएन मेघ प्रकाश ने मंत्रालय को जवाब भेजा है, जिसमें बताया है कि माल ढुलाई की लागत अधिक होने से खीरी में सड़कों के निर्माण पर ज्यादा लागत आती है।
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एफडीआर तकनीक से सड़क बनाने पर लागत होगी कम
सड़क निर्माण में लागत कम करने के लिए फुल डेफ्थ री साइक्लिंग (एफडीआर) तकनीक को अमल में लाना होगा, जिसमें पुरानी सड़क को उखाड़कर उसका मैटेरियल पुन: प्रयोग किया जाएगा। पीएमजीएसवाई के एक्सईएन मेघप्रकाश ने बताया कि इस तकनीक से सड़क बनाने के लिए आवश्यक मशीन जर्मनी से मंगानी पड़ेंगी, जिसके लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि एफडीआर के लिए विशिष्टियां निर्धारित नहीं हैं। शासकीय स्तर पर निर्णय लिया जाना है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ सड़कों को लिया जा सकता है।
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इन सड़कों का कराया जाना है नवनिर्माण
बेहजम ब्लॉक की ओयल-बेहजम मार्ग से भदूरा मार्ग पर 12.450 किलोमीटर सड़क का निर्माण होना है। मितौली ब्लॉक की लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग से नरवा तक 6.750 किलोमीटर और इसी मार्ग से ककरहा गांव तक 13 किलोमीटर सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव है।
नकहा ब्लॉक में पीलीभीत-बस्ती मार्ग से गौरिया भेलम तक 15.500 किलोमीटर सड़क बनाने का प्रस्ताव है। ईसानगर ब्लॉक में एसआईके से सरैया कटौली मार्ग तक सात किलोमीटर और इसी ब्लॉक के सिंगावर से ईसानगर मार्ग तक 7.700 किलोमीटर सड़क निर्माण होना है। ईसानगर में ही खमरिया पंडित लाखू से समैसा मार्ग तक 8.700 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है। निघासन ब्लॉक में बेलरायां से मांझा तक 7.500 किलोमीटर सड़क बनाने का प्रस्ताव है। बिजुआ ब्लॉक के बिजुआ-अलीगंज-गोला से गदियाना तक 7.125 किलोमीटर सड़क बनाने का प्रस्ताव है।
धौरहरा ब्लॉक में पीलीभीत-बस्ती मार्ग (बसंतापुर डायवर्जन) से धौरहरा मार्ग तक 15.500 किलोमीटर और इसी ब्लॉक में बसंतापुर-देहुआ कला से धौरहरा मार्ग पर 16 किलोमीटर सड़क बनाई जानी है। धौरहरा में ही पीलीभीत-बस्ती मार्ग से धौरहरा मार्ग तक 11.400 किलोमीटर सड़क बनाने का प्रस्ताव है। कुंभी ब्लॉक में ममरी के किलोमीटर छह से कस्ता मार्ग तक 13.600 किलोमीटर सड़क बनाने का प्रस्ताव है।
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13 सड़कों के निर्माण की लागत अधिक होने के चलते मंत्रालय ने आपत्ति लगाई थी, जिससे इनका निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। एफडीआर तकनीक से निर्माण कराने के लिए जर्मनी से मशीन मंगानी पड़ेगी, जिसके लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होगी। इस संबंध में शासकीय स्तर से निर्णय लिया जाना है।
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-मेघप्रकाश, एक्सईएन, पीएमजीएसवाई
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