लखीमपुर खीरी। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बृहस्पतिवार को देवकली में स्थित मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। पूरे कैंपस में सीलन और निर्माण में खामियां देख डीएम ने पीडब्ल्यूडी निर्माण डिवीजन लखनऊ के अधिशासी अभियंता इंजीनियर अशोक कुमार की फटकार लगाते हुए कहा कि क्या आपके घर में भी ऐसी सीलन आती है? डीएम ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ शासन को पत्र भेजने और प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा से स्वयं बात कर उन्हें मामले की जानकारी दी।
डीएम को एनाटॉमी विभाग के हिस्ट्रोलॉजी लैब, म्यूजियम, डाईसेक्शन हॉल से लेकर रेजिडेंशियल ब्लॉक्स तक हर जगह सीलन की भरमार मिली। दीवारों पर गीलापन, निर्माण की खराब क्वालिटी पर डीएम ने नाराजगी जताई। उधर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तर्क दिया कि उन्होंने लगातार वर्किंग एजेंसी को यह कमियां बताईं, लेकिन उन्होंने सभी बातें अनदेखा कीं। डीएम ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ शासन को पत्र भेजने और प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा से स्वयं बात कर उन्हें मामले की जानकारी दी।
अब इस मामले में शासन की तकनीकी टीम जल्द लखीमपुर खीरी पहुंचकर भवन का परीक्षण करेगी। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर संबंधित पर सख्त कार्रवाई होगी। डीएम ने कहा कि परियोजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, जिम्मेदार बच नहीं पाएंगे।
महिला चिकित्सालय में भी मिली खामियां
इसके बाद डीएम ने जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन की जर्जर हालत देख तत्काल छत और दीवारों की मजबूती, सीलन रोकथाम के उपाय करने के निर्देश दिए। कहा कि जब तक शिफ्टिंग नहीं होती, सुरक्षा और मरम्मत कार्य जारी रहें। मरीजों और उनके तीमारदारों से भी जानकारी ली।
62 लाख के बिजली कार्य की होगी जांच
जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के अपग्रेडेशन भवन के निरीक्षण के दौरान पता चला कि विद्युत कार्य में 62 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस पर डीएम ने गड़बड़ी की आशंका पर जांच के आदेश दिए। बोलीं- कागजों में नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए काम। गड़बड़ी पाई तो सीधे कार्रवाई होगी। साथ ही सात सितंबर तक महिला अस्पताल की पार्ट शिफ्टिंग के निर्देश दिए। प्राचार्य, वर्किंग एजेंसी और संस्था में तालमेल कर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए।