लखीमपुर खीरी। दिवाली में आतिशबाजी एक आनंददायक हिस्सा होता है, जो सभी में खुशी की भावना भरता है। खासकर बच्चे पटाखे देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन ये आंखों के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकते हैं। साथ ही पटाखों से निकलने वाला धुआं त्वचा और सांस संबंधी बीमारियों को भी बढ़ा देता है। चिकित्सकों का कहना है कि आतिशबाजी के दौरान सांस के रोगी अपना विशेष ध्यान रखें।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि पटाखों से निकलने वाला धुआं फेफड़ों के रोगियों, अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों पर ज्यादा असर करता है। दीपावली के बाद ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी रहती है। इसलिए ऐसे रोगियों, बुजुर्ग व बच्चों का विशेष ख्याल रखें।
जिला अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा ने बताया कि पटाखे जलाने के दौरान लगातार तेज रोशनी की तरफ न देखें। अगर आंख लाल हो या कोई कण पड़ जाए तो ठंडे पानी से धुले। आंख को रगड़े नहीं। अगर धुंधला दिखे या अधिक दिक्कत हो तो चिकित्सक से संपर्क करें।
संभलकर खाएं मिठाई, बिगड़ सकती है सेहत
दीपावली व भाई दूज को लेकर बाजार में मिठाइयों की दुकानें सज गई हैं। बाजार में आईं तरह-तरह की मिठाइयां लोगों की जुबान पर मिठास घोलने के लिए तैयार हैं। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि अधिक मिठाई व तली-भुनी चीजें खाने से आपकी सेहत बिगड़ सकती है। जिला अस्पताल के जेरियाटिक फिजिशयन डॉ. शिखर वाजपेयी ने बताया कि मधुमेह रोगी मीठा खाने से बचें। अन्य लोग भी अधिक मात्रा में मीठा न खाएं। तले-भुने पदार्थ से भी परहेज करें, जिनका कॉलेस्ट्राल बढ़ा हुआ है और किडनी या लिवर के रोगी हैं, तो खानपान का विशेष ध्यान रखें। पौष्टिक, संतुलित और ताजा आहार लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। अगर कोई समस्या है तो खुद ही दवा न खाएं, बल्कि कुशल चिकित्सक से परामर्श लें।