तहसील क्षेत्र के जुगनूपुर गांव में 72 सीलिंग पट्टेदारों की जमीन पर जबरन बोए गए गेहूं को कटवाने गए एसडीएम धौरहरा और पुलिस को अवैध कब्जेदारों के विरोध के बाद बैरंग लौटना पड़ा। जिससे छठी बार भी पट्टेदारों को न जमीन पर कब्जा मिल पाया और न ही उनकी फसल। इससे पट्टेदारों में काफी निराशा है।
कई साल पहले क्षेत्र के गांव जुगनूपुर में सीलिंग की 400 बीघे जमीन पर 72 पट्टेदारों के पट्टे बने थे। जिनपर प्रशासन पहले भी पांच बार कब्जा दिला चुका है। पिछली बार नवंबर में एसडीएम, सीओ व पीएसी की मौजूदगी में पट्टेदारों को कब्जा दिलाकर फ सल बोआई गई थी। पट्टेदारों का कहना है कि पूर्व में जमीन पर काबिज लोगों ने जबरन उनकी फसल पलटकर दोबारा अपनी फसल बो दी थी। जिसको लेकर पट्टेदार खगेश्वर, मौजी, कामता, जगमोहन, परसू, इतवारी, भगौती सहित 72 पट्टेदारों ने डीएम और एसपी को प्रार्थना-पत्र दिया था। जिसके क्रियान्वयन में एसडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव मय पुलिस फोर्र्स कंबाइन लेकर गेहूं की फ सल कटवाने पहुंच गए। ग्रामीणों के मुताबिक कंबाइन से करीब डेढ़ एकड़ गेहूं ही कट पाया था कि इसी दौरान तमाम ग्रामीण मौके पर आ गए और फसल काटने और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद बढ़ने पर एसडीएम सहित पूरी पुलिस फोर्स बैरंग लौट आई। जिसकी वजह से गेहूं की फसल नहीं कट पाई, इससे पट्टेदारों को काफी निराशा हुई।
जमीन और फसल पर विवाद को देखते हुए फसल कटवाई जा रही थी। जिसका पैसा रजिस्टर नंबर चार में जमा होना है। बाद में निर्णय होने पर सही मालिक को रकम दी जाएगी। लेकिन सोमवार को कंबाइन के अचानक खराब हो जाने की वजह से गेहूं कटाई का कार्य बाधित हुआ है।
-ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव, एसडीएम