जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते फिजीशियन डॉ. शिखर बाजपेई। संवाद
लखीमपुर खीरी। कई मामलों में लोग चिकित्सक को दिखाने के बजाए मेडिकल स्टोर से खरीदकर दवा खा लेते हैं। ऐसे में मर्ज सही होने के बजाय और बढ़ जाता है। साथ ही शरीर के कई अंगों पर भी प्रभाव पड़ता है। चिकित्सकों ने इस प्रवृत्ति से बचने की ताकीद की है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शिखर बाजपेयी ने बताया कि बुखार, दर्द, हल्की चोट सहित कई मामलों में लोग झोलाछाप से सलाह लेकर या मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खा लेते हैं। कई मामलों में दवा असर करने के बजाय शरीर के अंगों पर दुष्प्रभाव डालती है। प्रतिदिन चार से पांच ऐसे ही मरीज जिला अस्पताल आते हैं। उनका इलाज तो किया जाता है, लेकिन सही होने में समय लग जाता है। कई बार तो एंटीबाॅयोटिक दवा असर तक नहीं करती। जरूरी है कि उचित चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा खाई जाए।
गलत दवा किडनी और लिवर पर करती है असर
डॉ. शिखर बाजपेई ने बताया कि बिना वजह एंटीबॉयोटिक दवा खाने से समस्या होती है। इसके अलावा दर्द की दवा का अधिक सेवन किडनी और लिवर असर डालता है।