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खंभारखेड़ा में किसानों को मनाने पहुंचे डीएम-एसपी

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किसानों के समझाते डीएम और एसपी।
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डीएम बोले, डोंगे से हटकर करें प्रदर्शन, जल्द निकलेगा बकाया भुगतान का कोई हल
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महेवागंज। बजाज ग्रुप की खंभारखेड़ा चीनी मिल में बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसान डोंगे में बैठकर धरना-प्रदर्शन करते रहे। मंगलवार को डीएम, एसपी और सीडीओ ने पहुंचकर किसानों से बातचीत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने किसानों से 20 दिसंबर तक मिल चलाने का समय मांगा। कहा कि दस दिन में भुगतान का कोई न कोई ठोस हल निकलेगा। साथ ही किसानों से डोंगे से हटकर अन्य जगह पर शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन का आग्रह किया। कहा कि प्रशासन किसानों के साथ है।
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एसपी संजीव सुमन ने कहा कि गोला पलिया में मिल के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। स्वेच्छा से जो किसान मिल में गन्ना ला रहे है, उन्हें आप जबरन नहीं रोक सकते। एसपी ने किसानों को आपस में विचार विमर्श करने की सलाह दी। हालांकि भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) समेत तमाम किसान भुगतान न होने तक अपनी बात पर अड़े रहे। मंगलवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पहुंचे और किसानों का समर्थन किया।
धरना और मिल बंदी को लेकर दिखा मतभेद
बकाया भुगतान को लेकर जारी धरना प्रदर्शन के बीच कुछ किसानों के बीच आपसी मतभेद साफ नजर आ रहे हैं। एक गुट के लोगों ने मिल में गन्ना लेकर आने वालों किसानों का समर्थन किया तो वहीं कुछ उनके खिलाफ खड़े दिखे। इस बीच मिल बंदी के नारेबाजी भी हुई। किसानों का एक पक्ष गन्ना आपूर्ति के साथ ही मिल चलने देने की वकालत करता रहा। वही भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता भुगतान की मांगों को लेकर डटे दिखाई दिए। हालांकि विरोध और समर्थन के बीच दोनों पक्षों की आपस में कहासुनी की नौबत होते बची।
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डीएम ने किसानों से वार्ता की है। मिल की ओर से दस दिन का समय मांगा है। जल्द भुगतान के हर संभव प्रयास किये जा रहे है। कुछ किसान मिल चलने देना चाहते है।
- अवधेश गुप्ता, यूनिट हेड, बीएचएल खंबारखेड़ा
डीएम ने भुगतान के लिए दस दिन का समय मांगा है। जब तक भुगतान नही होता शांति पूर्वक धरना जारी रहेगा।
- दिलबाग सिंह, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट)
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