एसडीएम मितौली की कार्रवाई पर पीआरडी जवान बिफरे
नए डीएम को ज्ञापन सौंपकर तहसीलों में ही ड्यूटी की मांग की
तत्कालीन डीएम किंजल सिंह के हटते ही उनके द्वारा दिए गए निर्देशों को अब अधिकारी मानने से इंकार करने लगे हैं। मितौली के एसडीएम शादाब असलम ने डीएम किंजल सिंह के निर्देश पर तहसील में लगाए गए 50 पीआरडी जवानों को हटा दिया है। एसडीएम की दलील है कि ड्यूटी के बदले पीआरडी जवानों को मानदेय भुगतान के लिए उनके पास कोई फंड नहीं है। एसडीएम की इस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को पीआरडी जवानों ने वर्दी में डीएम दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया और तहसीलों में ही ड्यूटी चलने देने की मांग की है।
प्रांतीय रक्षक दल संघ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे जवानों ने कहा कि तहसील से हटाए जाने के बाद वह बेरोजगार हो गए हैं। जिलाध्यक्ष सज्जाद अली ने नए डीएम आकाशदीप को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि तत्कालीन डीएम ने 17 फरवरी को जिले की सभी तहसीलों में सुरक्षा की दृष्टि से 400 जवानों को लगाया था, लेकिन मितौली एसडीएम शादाब असलम ने 50 जवानों को हटा दिया है। जबकि हटाने का अधिकार डीएम को ही है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि दुधवा पार्क प्रशासन ने अपने बजट पर 100 पीआरडी जवानों को जंगल की सुरक्षा में लगा रखा था। लेकिन डीडी और तत्कालीन डीएम किंजल सिंह की लड़ाई में दुधवा पार्क की ड्यूटी को समाप्त कर दिया गया था। अब तहसील प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से वह फिर से बेरोजगार हो गए हैं। जवानों ने अपना शोषण रोकने की मांग की है।