दलालों के साथ ही भागे कार्यालय के बाबू
दो संदिग्ध दलालों को पूछताछ कर छोड़ा
डीएम बोले-अनुपस्थित कर्मियों पर होगी कार्रवाई
एआरटीओ बोलीं-कोई नहीं था अनुपस्थित
जिला पंचायत परिसर स्थित एआरटीओ कार्यालय पर शुक्रवार को डीएम आकाशदीप ने अचानक छापा मारा, जिससे दलालों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी कार्यालय में मौजूद स्टाफ को लगी, तो वे भी भाग निकले। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने दो संदिग्ध दलालों को हिरासत में लिया, जिन्हें पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया। डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा ने किसी कर्मचारी के अनुपस्थित होने की बात से ही इंकर किया है।
शुक्रवार की दोपहर डीएम आकाशदीप ने अचानक एआरटीओ कार्यालय पर छापा मारा और पहले जिला पंचायत का मुख्यद्वार बंद करा दिया। इससे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। डीएम ने कार्यालय के विभिन्न पटलों का निरीक्षण करते हुए पटल सहायकों से सवाल-जवाब किए। कार्यालय की साफ.-सफाई व्यवस्था तथा लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को पारदर्शिता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहनों के पंजीकरण के लिए जो वाहन स्वामी अपने फार्म प्रस्तुत करते हैं, तो बिचौलियों, दलालों से दूर रहकर कार्य किया जाए। उन्होंने कार्यालय परिसर में भूतल पर स्थित लर्निग लाइसेंस कक्ष के निरीक्षण के दौरान पटल सहायकों की सभी कुर्सियां खाली पाई और कार्यालय में कोई भी आवेदक नजर नहीं आए। कार्यालय परिसर में बेवजह घूम रहे लोगों से पूछताछ करने लगे, तो वहां भगदड़ मच गई। इस पर डीएम के निर्देश पर पकड़कर संदिग्धों से पूछताछ की गई। दफ्तर से अनुपस्थित करीब आधा दर्जन कर्मचारियों के विरुद्ध डीएम ने विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी प्रेम कुमार श्रीवास्तव, एआरटीओ श्वेता वर्मा, सहायक निदेशक सूचना बीपी गौतम, ओएसडी कृष्ण मोहन श्रीवास्तव, नवीन दीक्षित मौजूद रहीं।
तो किसी पर नहीं हो सकेगी कार्रवाई
एआटीओ कार्यालय में दलालों का जमावड़ा आम हो चुका है, जिस पर विभाग और जिला प्रशासन नकेल नहीं डाल सका है। शुक्रवार को डीएम ने औचक निरीक्षण कर दलालों और कर्मचारियों को चौंकाया जरूर, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। क्योंकि एआरटीओ श्वेता वर्मा ने किसी भी कर्मचारी के अनुपस्थित होने की बात से इंकार कर दिया।