लखीमपुर खीरी। पता गलत होने या न मिलने पर लखनऊ मुख्यालय भेजे जाने वाले ड्राइविंग लाइसेंस अब एआरटीओ कार्यालय पर ही उपलब्ध हो जाएंगे। परिवहन विभाग ने डीएल संबंधित जिले के एआरटीओ कार्यालय में रखने के निर्देश दिए हैं।
लखीमपुर एआरटीओ कार्यालय में प्रत्येक माह एक हजार के आसपास लर्निंग या लाइसेंस बनाए जाते हैं। लाइसेंस बनते तो कार्यालय में हैं, लेकिन पहुंचते डाक के माध्यम से आवेदक के संबंधित पते पर।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों तमाम लोगों के लाइसेंस उनका पता न मिलने या किन्हीं अन्य कारणों से डाक घर से वापस लखनऊ परिवहन आयुक्त के कार्यालय भेज दिए जाते थे। लेकिन, अब इसमें बदलाव किया गया है।
एआरटीओ अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि डाक का पता न मिलने पर पहले लाइसेंस मंडल मुख्यालय पर भेज दिए जाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था शुरू हो गई है। अब वह लाइसेंस जिला मुख्यालय कार्यालय पर भेज दिए जांएगे, ताकि लोगों को दौड़ भाग न करना पड़े। अगर किसी का लाइसेंस नहीं आया तो वह पहले अपने डाकिया से संपर्क करें। इसके बाद एआरटीओ दफ्तर में जानकारी कर सकते है।
आवेदकों से अपील है कि लाइसेंस बनवाते समय अपना डाक पता सही से लिखे, ताकि इस तरह की समस्या न हो। उन्होंने बताया कि जिस कार्यालय में आवेदक ने अपनी बायोमेट्रिक कराई है उसी में अपना आधार कार्ड दिखाकर प्राप्त कर सकेंगे। आवेदक संबंधित अधिकारी के साथ अपनी फोटो खिंचवाएगा, जिसे एक रजिस्टर में चस्पा किया जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि लाइसेंस आवेदक को ही दिया गया है।
-
इनका नहीं पहुंचा लाइसेंस
मैगलगंज निवासी सुखपाल सिंह ने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराया था। एक माह से अधिक हो गया, पर उसका लाइसेंस संबंधित पते पर नहीं पहुंचा, जबकि लाइसेंस जारी हो चुका है। गोला निवासी पिंटू वर्मा ने डेढ़ माह पहले लाइसेंस बनवाया था, लेकिन अभी तक नहीं पहुंचा है। इनका भी लाइसेंस जारी हो चुका है।