लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश हेल्थ डेस्क बोर्ड नीति आयोग ने दिसंबर 2020 की रैंकिंग जारी कर दी है, जिसमें जिले को 62वां स्थान मिला है। रैंक पिछड़ने का कारण स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा के मामले में लापरवाही बरतना बताया जा रहा है। हालांकि जिलास्तर पर सीएचसी की रैंकिंग में ईसानगर पहले स्थान पर रहा है।
शासन ने अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए तमाम व्यवस्थाएं की हैं, जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों की पोर्टल पर फीडिंग कराई जाती है, ताकि शासन में बैठे आलाधिकारी जिले की योजनाओं की हकीकत जान सकें। मगर स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में जिले के स्वास्थ्य अधिकारी कितने सजग हैं, इसकी हकीकत हेल्थ डेस्क बोर्ड में जिले को मिली 62वीं रैंक बता रही है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक इसके लिए सीएचसी अधीक्षकों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि अधीक्षक स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी और उनकी समीक्षा करते रहे हैं तो अपना जिला टॉप टेन की सूची में शामिल हो सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं की फीडिंग से तय होती है रैंक
हेल्थ डेस्क बोर्ड पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का चेकअप, टीकाकरण, समस्त जांच एवं बच्चों का टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं एवं जन्मे बच्चों का पोर्टल पर समय से पंजीकरण, बीपी, शुगर, एचआईवी, एनीमिया की स्क्रीनिंग एवं इलाज के साथ टीबी के मरीजो का पंजीकरण एवं इलाज आदि शामिल है।
जिले की टॉप फाइव सीएचसी
1. ईसानगर
2. फरधान
3. कुंभी गोला
4. बांकेगंज
5. पलिया
बोले जिम्मेदार
हेल्थ डेस्क बोर्ड की रैकिंग में जिला 62वें नंबर पर है। सीएचसी अधीक्षक के प्रोग्रामों की नियमित निगरानी और पोर्टल पर फीडिंग की समीक्षा न करने में बरती गई लापरवाही एंव कोरोना टीकाकरण के कारण जिले की रैंक पिछड़ी है। - अनिल यादव जिला कार्यक्रम प्रबंधक