दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित इस अदालत में बड़ी संख्या में अन्य मुकदमे भी हुए निस्तारित
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन करते हुए जिला जज मुकेश मिश्र ने बताया कि समाज में अहम का स्थान नहीं है। यही वजह है कि लोक अदालत में दोनों पक्षों को आपसी सुलह समझौते से विवाद निपटाने के लिए प्रेरित किया जाता है। वह न्यायिक अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना ने 45 पारिवारिक विवादों का निपटारा समझौते से करा दिया। इनमें 18 जोड़ों के बीच मतभेद खत्म कराकर उन्हें कचहरी से विदा किया तो एडीजे स्नेहा नेगी ने 18 दंपती में झगड़े खत्म कराते हुए पारिवारिक विवादों का सुलह समझौते से निपटारा किया।
इसके अलावा अपर प्रधान न्यायाधीश पवन शुक्ला ने भी बड़ी संख्या में पारिवारिक विवादों को सुलह कराते हुए निस्तारित किया। वहीं एडीजे वीके सिंह ने 11 मुकदमे, विशेष एडीजे मोहन कुमार ने 239 अंतिम रिपोर्ट निस्तारित की, साथ ही बिजली से संबंधित मुकदमों को भी निस्तारित किया। सीजेएम चिंताराम ने शाम 4:00 बजे तक 544 मुकदमे निर्णीत कर दिए थे।
एसीजेएम छवि कुमारी ने 425 मुकदमे निस्तारित किए। एसीजेएम साजन कुमार विकास ने 514 मुकदमे सिविल जज सीनियर डिविजन नितिन कुमार ने 30 मुकदमे निस्तारित किए। इस दौरान विभिन्न बैंकों ने कचहरी परिसर में स्टॉल लगाए।
दुर्घटना पीड़ितों को तीन करोड़ से अधिक मुआवजा दिलाया
जिला मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के न्यायाधीश लोकेश राय ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गवाने वाले 40 परिवारों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाया तो चोटिल और विकलांग हुए परिजन सहित एफडी वापसी के 75 मामले सहित कुल 122 मुकदमे निस्तारित किए। मोटर वाहन चैनल ने तीन करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि पीड़ितों को दिलाई।
लोक अदालत में 4075 मामलों का निस्तारण
गोला गोकर्णनाथ। शनिवार को जन समस्याओं के निराकरण के लिए तहसील में तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें सुलह-समझौते के आधार पर 4075 मामलों का निस्तारण किया गया।
शनिवार को तहसील में हुई लोक अदालत में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल देखने को मिला। तहसीलदार न्यायालय में धारा 34 एक्ट, धारा 67-1, जाति, आय आदि के 4075 मामले सुलह समझौता के आधार पर निस्तारित हुए। तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि ऐसे मामले जो एसडीएम न्यायालय और तहसीलदार न्यायालय में लंबित चल रहे थे। जिन्हें सुलह समझौता के आधार पर निस्तारित किया गया। संवाद