सिंगल डिलीवरी व्यवस्था में
अव्यवस्थाएं, कर्मचारी नाराज
- एसएफसी के कर्मचारियों ने बनाई दूरी तो खाद्य एवं रसद विभाग के कर्मियों ने बुलंद की अपनी मांगें
- 11 जुलाई को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे व्यवस्था से नाराज कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। सिंगल डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू किए जाने के बाद से व्यवस्थाओं की कलई खुलकर सामने आने लगी है। खाद्य एवं रसद विभाग की विपणन और आपूर्ति शाखा के बीच अधिकारों को लेकर जंग छिड़ गई है। विपणन शाखा के अधिकारी व मार्केटिंग इंस्पेक्टर ने अपने अधिकारों की मांगें शुरू कर दी हैं। 11 जुलाई 2022 को सामूहिक अवकाश पर रहने का एलान कर दिया है।
सरकारी सस्ते राशन की दुकानों पर सीधे एफसीआई गोदाम से राशन पहुंचाने के लिए हाल में ही सिंगल डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू की गई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान के जून माह के राशन को तीन जुलाई से 15 जुलाई 2022 तक एफसीआई गोदाम से उठान करके कोटेदारों की दुकानों तक भेजा जा रहा है, जबकि गरीब कल्याण योजना के तहत बांटे जाने वा ले चावल का उठान इसके बाद में होगा। इस नई व्यवस्था में ट्रक और लेबर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आपूर्ति शाखा को मिली है, जबकि एफसीआई गोदाम से गुणवत्तायुक्त राशन को ट्रकों में लोड कराना और वजन कराकर उचित दर विक्रेता की दुकान तक भेजने की जिम्मेदारी विपणन शाखा को मिली है।
पूर्व में ब्लॉकों में स्थापित गोदामों के जरिए कोटेदारों तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाले एसएफसी (राज्य आवश्यक वस्तु निगम) के कर्मचारियों को विपणन शाखा के अधिकारियों व इंस्पेक्टरों के सहयोगी के तौर पर लगाया गया है। वहीं गोदाम से निकले राशन को कोटेदार की दुकान तक पहुंचाकर रिसीविंग प्राप्त करने की जिम्मेदारी परिवहन ठेकेदार व पूर्ति निरीक्षक को सौंपी गई है। इसमें से एसएफसी कर्मचारी जो बतौर सहायक प्रेषण प्रभारी नामित हैं, वो ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। इससे क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने लिखित तौर पर जिला पूर्ति अधिकारी से शिकायत की है और सहयोगी स्टाफ की कमी के कारण भंसरिया डिपो से राशन के प्रेषण एवं अभिलेखों को पूूर्ण करने में समस्याएं आने की बात कही है। साथ ही आरोप यह भी है कि नियुक्त सहयोगी स्टाफ द्वारा न तो सहयोग किया जा रहा है और न ही फोन रिसीव किया जा रहा है। विपणन शाखा के इंस्पेक्टरों का यह भी आरोप है कि गोदाम पर उनके बैठने की व्यवस्था नहीं है।
ट्रकों की संख्या को लेकर अनिश्चितता बनी
कोटेदारों की दुकान तक राशन पहुंचाने के लिए आठ परिवहन ठेकेदार नियुक्त किए गए हैं, जिनके द्वारा जीपीएस से लैस व मैप्ड ट्रकों के जरिए राशन की ढुलाई की जानी है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि आठ फर्मों द्वारा लगाए गए ट्रकों की कुल संख्या को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसमें बिना जीपीएस सिस्टम वाले ट्रकों का उपयोग किए जाने की संभावनाएं बनी हुुई हैं। इससे राशन की डिलीवरी पहुंचाने के दौरान राशन की गुणवत्ता से छेड़छाड़ किए जाने की आशंका बनी है, क्योंकि कुछ दिन पहले निघासन के कोटेदारों ने भीगे गेहूं की आपूर्ति किए जाने की शिकायत एसडीएम से की थी। जबकि गोदाम के प्रेषण अधिकारियों का दावा है कि गोदाम से गुणवत्तायुक्त गेहूं की आपूर्ति की जा रही है, जिसमें भीगे गेहूं की आपूर्ति किए जाने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे में परिवहन ठेकेदार की विश्वनीयता संदेह के घेरे में आ गई है।
इंस्पेक्टर्स और ऑफिसर्स 11 को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे
यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स/ऑफिसर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार पाठक ने बताया कि प्रांतीय संघ के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर सभी इंस्पेक्टर्स व ऑफिसर्स 11 जुलाई 2022 को एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। 12 जुलाई 2022 से खाद्य आयुक्त कार्यालय एवं जवाहर भवन का घेराव करते हुए अनिश्चिकालीन आंदोलन प्रारंभ करेंगे। उन्होंने अपनी मांगों के बारे में बताया कि पीडीएस व सीएमआर कंट्रोल आर्डर लागू किया जाए। सिंगल स्टेन डिलीवरी में कोटेदारों को पूरा राशन नहीं मिल रहा है। ट्रकों द्वारा कोटेदारों को सड़क पर ही राशन दिया जा रहा है। इसे रोकने के लिए प्रवर्तन अधिकार दिए जाने की मांग की है।
एसएफसी कर्मचारियों की ड्यूटी मई माह के चना, तेल, नमक, चीनी का उठान कराने के लिए लगाई गई है, जिससे वह एफसीआई गोदाम पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। हालांकि गेहूं-चावल के प्रेषण की इंट्री भी एसएफसी कर्मचारी ही करते हैं। अब तक करीब 60 प्रतिशत राशन का उठान करके कोटेदार तक पहुंचाया गया है। नई व्यवस्था में कहीं कोई दिक्कत नहीं है। विपणन शाखा के एक संगठन द्वारा किए जाने वाले सामूहिक अवकाश से सिंगल डोर स्टेप डिलीवरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- अंजनी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी