नेपाली एपीएफ अधिकारी को स्मृति चिह्न देते एसएसबी कमांडेंट। स्रोत : एसएसबी
पलियाकलां। भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा बलों के अधिकारियों के बीच संयुक्त बैठक का आयोजन 34वीं वाहनी कैलाली पुलिस फोर्स के कार्यालय में किया गया। यहां दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सीमा पर पड़ने वाले पिलर की मरम्मत, सीमा पर अतिक्रमण व सीमा से होने वाली तस्करी पर रोकथाम लगाने पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आपसी सामंजस्य बैठाकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।
नेपाल में आयोजित बैठक में भारत की तरफ से तृतीय वाहिनी एसएसबी कमांडेंट देवानंद कुमार, 39वीं वाहिनी एसएसबी कमांडेंट रवींद्र कुमार राजेश्वरी, तृतीय वाहिनी के उप कमांडेंट अजय बहादुर सिंह, 39वीं वाहिनी के उप कमांडेंट विजयेंद्र कुमार के साथ ही नेपाल की ओर से एसपी कैलाली बल नर सिंह राणा, एसपी बटालियन सुरेंद्र राज, डीएसपी त्रिनगर प्रेम सिंह धामी, डीएसपी गुलरिया घाट फपेंद्र कुमार केसी, नवीन चंद राजन शाह आदि मौजूद रहे।
बैठक में सबसे पहले सीमा पर स्थित पिलर के बारे में चर्चा हुई। इसमें तय किया गया कि जहां भी सीमा पर पिलर क्षतिग्रस्त या धुंधले हो गए हैं, वहां संयुक्त रूप से मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। दोनों तरफ से सीमा पर अतिक्रमण की पहचान कर उसपर कार्रवाई करने की सहमति बनी। सीमा पर होने वाली तस्करी को लेकर सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रणनीति पर चर्चा की गई।
मानव तस्करी और नकली दस्तावेजों के आधार पर आवाजाही को रोकने पर भी जोर दिया गया। सीमावर्ती गांवों में शांति बहाल करने के लिए दोनों देशों के अधिकारियों ने एक-दूसरे का सहयोग मांगा। इस दौरान दोनों देशों की तरफ से अन्य कई अधिकारी व अधीनस्थ मौजूद रहे।