लखीमपुर खीरी। निघासन में 5.59 करोड़ रुपये की लागत से बनी नवीन मंडी परिषद के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने का मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की प्रयोगशाला जांच में मंडी निर्माण में प्रयुक्त ईंट, गिट्टी और मिक्सर के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।
मामले के सामने आने के बाद सीडीओ अभिषेक कुमार ने मंडी निदेशक को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की संस्तुति की है। निघासन में मंडी परिषद के तहत टिनशेड, चबूतरा, भवन, करीब 20 दुकानें, आवासीय भवन और सड़क समेत कई निर्माण कार्य कराए गए थे। इसका निर्माण कार्य मंडी निर्माण इकाई लखनऊ की ओर से कराया गया।
निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद विधायक ने मामले की शिकायत की। शिकायत के बाद एसडीएम निघासन की निगरानी में मंडी निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के नमूने भरवाए गए। इन नमूनों को जांच के लिए लोक निर्माण विभाग की प्रयोगशाला भेजा गया, जहां ईंट, गिट्टी और मिक्सर के तीनों नमूने जांच में फेल पाए गए।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मंडी निर्माण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। मामला सीडीओ अभिषेक कुमार तक पहुंचने पर उन्होंने इसे गंभीर मानते हुए मंडी निदेशक को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
मोहम्मदी तहसील क्षेत्र के गदमापुर गांव में कराए गए सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी जांच में सवालों के घेरे में आई है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल गिट्टी समेत अन्य नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। इसके बाद संबंधित कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।