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जांच प्रक्रिया से बचने के
लिए गायब करा दीं दवाएं
- जिला अस्पताल में सोमवार को पड़ी मिली थीं जली-अधजली दवाएं
- मंगलवार को मौके पर पहुंचे एसीएमओ को सबकुछ वहां मिला साफ
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। सोमवार को जिला अस्पताल की कई एक्सपायर्ड दवाएं जली और अधजली मिलीं तो जिम्मेदारों ने रात में ही राख सहित अधजली दवाओं को ही वहां से हटवा दिया, ताकि जांच आदि के झमेले से बचा जा सके। मंगलवार को मौके पर पहुंचे एसीएमओ को सबकुछ वहां पर साफ मिला।
सरकार भले ही गरीबों के लिए सरकारी अस्पतालों में दवाएं उपलब्ध कराती हो, लेकिन ये दवाएं गरीबों को न देकर पहले एक्सपायर्ड कर दी जाती हैं और उसके बाद उन्हें फिंकवा दिया जाता है। सोमवार को जिला अस्पताल में जलाई गईं दवाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे दस दिन पहले उदयपुर महेवा श्मशान भूमि के पास एक्सपायर्ड दवाओं से भरे कई गत्ते बरामद हुए थे। मामला मीडिया में आने पर डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने दो दिन में जांच रिपोर्ट तलब की थी। इस पर सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट शासन को भेज दी।
उधर, सोमवार को एक बार फिर जिला अस्पताल परिसर में तमाम दवाएं पड़ी मिलीं। इनका नामों निशान न रहे, इसलिए फेंकने वालों ने इन्हें जलाने का प्रयास किया। मगर, जल्दबाजी के चक्कर में आयरन, यौन संक्रमण से लेकर अन्य कई दवाएं अधजली रह गईं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने की जानकारी मिलने पर जिम्मेदारों ने जांच आदि के झंझट से बचने के लिए रात में ही अधजली दवाओं से लेकर जली दवाओं की राख तक साफ करा दी।
दवाएं जलाने और अधजली दवाओं के पड़े होने की सूचना मिली थी। इस पर सोमवार को मौके पर गया था, लेकिन वहां पर सब कुछ साफ मिला। फिर भी दवाएं कहां से आईं और किसने जलाई। इसकी पड़ताल कराकर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, एसीएमओ