रसोई गैस की तरह संकर बीजों पर मिलने वाली सब्सिडी (अनुदान) जल्द ही आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) की जाएगी। लिहाजा खरीफ सीजन में संकर बीजों की खरीद पर अनुदान पाने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है। इसके लिए कृषि विभाग पांच से 15 अप्रैल तक पंजीकरण करेगा।
वर्ष 2015-16 में इस व्यवस्था को अमल में लाने के लिए शासन ने कृषि विभाग को निर्देश जारी किए हैं। आगामी खरीफ सीजन में संकर धान, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि के बीजों का वितरण नई व्यवस्था के अनुसार कराने पर जोर दिया जा रहा है। कृषि निदेशक की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक ब्लाक स्तर पर बीजों का वितरण कराया जाएगा, जिसमें कंपनियां स्टाल लगाकर बीज बिक्री करेंगी। यहां पर किसानों को पूरे मूल्य का भुगतान करना होगा। लिहाजा इससे पहले पांच से 15 अप्रैल तक उप कृषि निदेशक कार्यालय या फिर ऑनलाइन टोल फ्री नंबर पर किसानों को पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद 20 अप्रैल को उप कृषि निदेशक के स्तर से लाभार्थी किसानों को चयनित कर उन्हें सूचना दी जाएगी। ब्लाक स्तर पर एक मई से संकर बीजों की बिक्री के लिए स्टाल लगाए जाएंगे।
जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि पंजीकरण के संबंध में संबंधित
कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को जागरूक कर ऑनलाइन पंजीकरण
के लिए प्रेरित करेंगे। इसके अलावा संकर बीज खरीदने के इच्छुक किसानों का
जनपद स्तर पर पंजीकरण 15 अप्रैल तक किया जाएगा।
अनुदान प्राप्त करने के लिए भरना होगा प्रारूप
स्टाल से बीज क्रय करने के बाद किसानों को संबंधित ब्लाक में नामित कृषि विभाग के कर्मचारी के पास निर्धारित प्रारूप पर सूचना देगा, जिसमें बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड समेत कैशमेमो संलगभन किया जाएगा। संबंधित कर्मचारी किसानों को पावती रसीद उपलब्ध कराएगा।
दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए मिलेगा अनुदान
किसानों को स्वामित्व क्षेत्र के अनुसार अधिकतम दो हेक्टेअर क्षेत्र के लिए संकर बीज क्रय करने पर सब्सिडी मिलेगी। इससे अधिक क्षेत्रफल के लिए क्रय किए बीज पर अनुदान नहीं मिलेगा।