एकजुटता दिखाते हुए विकास कार्य ठप कराने का निर्णय
उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स का धरना, प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा। धरना सभा को संबोधित करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार को हम अपनी शक्ति का अहसास नहीं करा देते तब तक यह सरकार हमारी मांगे सुनने वाली नहीं। उन्होंने कहा कि हमें एकजुटता दिखाते हुए सभी विकास कार्य ठप करने होंगे।
धरना सभा में बताया गया कि जो लोग हड़ताल स्थल पर उपस्थित नहीं हो रहे उनको लाने के लिए मार्शल टीम का गठन किया गया हैै। लोक निर्माण विभाग के स्टोर रूम को पूरी तरह बंद कराने पर भी सभी सदस्यों ने अपनी राय जाहिर की। हड़ताल की अध्यक्षता प्रवीण प्रताप ने की। संचालन जितेंद्र यादव ने किया। मांगें न माने जाने से इंजीनियरों में रोष है।
हड़ताल में लोक निर्माण, सिंचाई, नगर और ग्राम नियोजन, आवास एवं विकास परिषद, आईटीआई शिक्षक, उत्तर प्रदेश वन निगम और मंडी परिषद के डिप्लोमा इंजीनियरों ने हिस्सा लिया। इंजीनियर प्रारंभिक ग्रेड पे 4800 करने, सेवा प्राविधित अवधि 7, 14 और 20 वर्ष की सेवा पर क्रमश: सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता के पदों पर भौतिक रूप से 100 प्रतिशत तीन पदोन्नतियां प्रदान किए जाने अन्यथा की स्थिति में तीन पदोन्नति पद का वेतन दिए जाने की मुख्य मांगे हैं।
धरना प्रदर्शन में आरपी वर्मा, शैलेंद्र सिंह, गोपालजी जायसवाल, सत्येद्र कुमार, अभय कुमार, प्रदीप कुमार पाल, अमित कुमार, शैलेंद्र अवस्थी, योगेंद्र कुमार, आरडी भास्कर, अंकेश कुमार वर्मा कुल 121 अभियंता मौजूद रहे।