प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती 2011 की 155 सीटों के लिए पहले पांच गुना, फिर बीस गुना कट ऑफ सूची जारी कर दी गई। इतना ही नहीं अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग भी करा दी गई, लेकिन प्रकाशित सूची देखकर बीएसए डॉ. ओपी राय ने आपत्ति जताते हुए मामला शिक्षा निदेशक तक पहुंचा दिया, जिससे शिक्षकों का चयन नहीं हो सका है। अब अभ्यर्थी डायट और बीएसए दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।
बीएसए डॉ. राय के अनुसार प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए आठवीं कट ऑफ सूची की जानकारी उन्हें पांच नवंबर को अखबारों से हुई तो वह चौंक गए, क्योंकि चयन समिति के वह पदेन सदस्य और सचिव हैं। जिलास्तरीय चयन समिति की बगैर बैठक और डीएम के अनुमोदन के बिना यह सूची नहीं जारी होनी चाहिए थी। इस पर उन्होंने डायट प्राचार्य को पत्र लिखकर इसके संबंध में कोई नया शासनदेश जारी होने या नए नियम लागू होने की स्थिति में वस्तुस्थिति स्पष्ट करने को पत्र लिखा। बीएसए बताते हैं कि हैरानी तो तब हुई जब आठवीं सूची के चयन हुए बगैर 20 नवंबर को 20 गुना कट ऑफ सूची जारी कर दी गई। 20 गुना सूची जारी होते ही आठवीं सूची के अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र के लिए उनके दफ्तर आने लगे। इस पर उन्होंने फिर प्राचार्या को पत्र लिखा, लेकिन उन्होंने समुचित जवाब देने के बजाय उन पर अधिकारियों को भ्रमित करने जैसे आरोप लगाना शुरू कर दिया। उधर बीएसए की आपत्ति के बाद आठवीं और नवीं सूची में क्रमश: पांच गुना और बीस गुना अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग तो करा दी गई लेकिन चयन सूची जारी नहीं हो सकी है।
अभ्यर्थी भी असंतुष्ट
नियमों की अनदेखी के बीच हुई काउंसिलिंग में पात्र अभ्यर्थियों को दरकिनार कर दिया गया है। यही वजह है कि तमाम अभ्यर्थी अपनी शिकायतें लेकर अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। बानगी के तौर पर जिला बागपत की अभ्यर्थी संगीता ने डीएम से शिकायत की है कि आठवीं कट ऑफ सूची की जब उन्हें जानकारी हुई तो वह डायट पहुंची लेकिन उन्हें पता चला कि नवीं सूची जारी हो चुकी है। चूंकि काउंसिलिंग का 21 दिन का समय होता है, लेकिन इसे दो दिन में ही करा दिया गया और नवीं सूची जारी कर दी गई। जो नियम विरुद्ध है। यदि उनकी सुनवाई न हुई तो वह कोर्ट जाने को मजबूर होंगी। इसी तरह अभ्यर्थी अनिल कुमार वर्मा बीएसए को पत्र लिखकर बताया है कि 9वीं सूची के लिए वह पात्र है, किंतु सूची में उसका नाम ही शामिल नहीं किया गया है। इसी तरह गौतमबुद्धनगर की आरती सिंह ने डीएम दफ्तर में शिकायत की है कि पात्र होने के बाद भी उसका नाम शामिल नहीं किया गया है।
ये है कट ऑफ मेरिट सूची का नियम
बीएसए डॉ. ओपी राय के अनुसार प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए जिलास्तरीय समिति बनी है। कट ऑफ मेरिट सूची जारी करने से पहले समिति की बैठक होनी चाहिए, जिसमें यह सूची तैयार की जाती है, फिर तैयार सूची का डीएम से अनुमोदन कराया जाता है। इसके बाद बहुप्रसारित अखबार में सूची का प्रकाशन कराकर अभ्यर्थियों को मूल अभिलेखों के साथ बुलाया जाता है।
ये है जिले की चयन समिति
1. डायट प्रचार्य-पदेन अध्यक्ष।
2. बीएसए-पदेन सदस्य और सचिव।
3. प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज-लखीमपुर।
4. डीएम द्वारा नामित सदस्य।
किसने क्या कहा
बीएसए डॉ. ओपी राय ने बताया कि नियमानुसार कट ऑफ सूची चयन समिति की बैठक में फाइनल कर डीएम से अनुमोदन के बाद ही प्रकाशित होनी चाहिए, लेकिन डायट प्राचार्य ने मनमानीपूर्वक न सिर्फ सूची प्रकाशित करा दी, बल्कि काउंसिलिंग भी कर ली जो गलत कार्रवाई है।
प्राचार्य-डायट डॉ. मीरा त्रिपाठी ने बताया कि बहुप्रसारित अखबारों में प्रकाशित कराई गई सूची सिर्फ जांच सूची है न कि चयन सूची, लेकिन बीएसए अधिकारियों को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसा वह कदापि न करें, इसके लिए उन्हें उनके पत्र का जवाब देते हुए आगाह किया गया है पर वह मनगढ़ंत और निराधार पत्राचार कर रहे हैं।
डीएम किंजल सिंह ने बताया कि प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती 2011 में कुछ अनियमितताओं के संबंध में जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिली तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।