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विदेशी युवती नतालिया को सजा, जुर्माना देकर रिहा

Sat, 19 Dec 2015 09:58 PM IST
लखीमपुर खीरी
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बिना वीजा और पासपोर्ट के भारत में प्रवेश करने वाली किर्गिस्तान की युवती को सीजेएम अनामिका चौहान ने दोषी पाते हुए चार माह 25 दिन की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि उसने फैसले में सुनाई गई कारावास की अवधि पूर्व में ही काट ली है। लिहाजा जुर्माना जमा होते ही उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया, जिसके चलते जुर्माना जमा करने के बाद उसे रिहा कर दिया गया।  
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किर्गिस्तान की युवती नतालिया को नेपाल सीमा से सटे गौरीफंटा बार्डर पर बिना पासपोर्ट और वीजा के प्रवेश करते हुए एसएसबी ने 24 जुलाई को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद एसएसबी और यूपी पुलिस ने आरोपी नतालिया और उसके दो साथियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। अभियोजन अधिकारी लालचंद गुप्ता ने अभियेाजन पक्ष रखते हुए एसएसबी के एएसआई प्रभूलाल नेगी को पहले गवाह के रूप में पेश किया। इसके बाद अदालत ने दूतावास के अनुरोध और आरोपी के स्वास्थ्य को देखते हुए शीघ्र सुनवाई शुरू कर दी।
बचाव पक्ष की और सीपी अग्निहोत्री और मोहम्मद सईद खां ने बचाव के लिए दलीलें देते हुए बताया कि बार्डर पर कंटीले तारों की फेंसिंग न होने के वजह से अनजाने में ही वह भारत की सीमा में आ गई। हकीकत में नतालिया को नेपाल बार्डर से ही अरेस्ट किया गया है। वहीं अभियोजन टीम ने बताया कि आरोपी सुदूर देश किर्गिस्तान की युवती है उससे स्थानीय एसएसबी और पुलिस टीम की क्या दुश्मनी हो सकती है, वह उसे क्यों झूठा फंसाएगी। अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद नतालिया के पक्ष को व्यक्तिगत रूप से समझने के लिए कोर्ट की सहायता के लिए दूभाषिया की भी सेवाएं लीं।
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शनिवार को अपना फैसला सुनाते हुए अदालत ने नतालिया को दोषसिद्ध पाया, उसकी ओर से सजा के बिंदु पर उसकी शारीरिक बीमार दशा और गर्भवती हालात की  दलील देते हुए सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई गई। इस पर कोर्ट ने नतालिया को चार महीने 25 दिन के कारावास और 30 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। बाद में जुर्माना जमा करने के बाद उसे रिहा कर दिया गया।
पहले ही काट ली है सजा, तुरंत रिहाई
कानून के जानकार बताते हैं कि पासपोर्ट एक्ट और विदेशी विषयक अधिनियम की जिन धाराओं में नतालिया को चार्जशीट किया गया था उनमें छह महीने के कारावास और जुर्माना का प्रावधान है, चूंकि विदेशी युवती नतालिया 24 जुलाई से ही न्यायिक अभिरक्षा में है इसलिए उसने फैसला सुनाए जाते समय तक पूरी सजा काट ली थी, केवल उसकी ओर से जुर्माना अदा किया जाना था, जो उसकी मदद में आए हुए दूतावास और संबंधित लोगों ने अदा कर दिया। जिसके चलते उसे रिहा कर दिया गया।
फैसला सुनकर भावुक हुई युवती, ली राहत की सांस
भले ही कोर्ट की भाषा शैली विदेशी युवती नतालिया को समझ न आ रही हो लेकिन इतने दिन कोर्ट रूम और वकीलों के आते-जाते देख नतालिया काफी कुछ हाव भाव से भी समझने लगी थी, जब दूभाषिया ने उसे अदालती आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि उसने सजा पूर्व मेें ही काट ली है उसी कारावास को सजा माना गया गया है, केवल जुर्माना अदा किया जाना है तो नतालिया के चेहरे पर राहत के भाव आए और वह आंसुओं को रोक नहीं सकी।  
स्थानीय पुलिस ले जाएगी दिल्ली स्थित दूतावास
जेल सूत्रों ने बताया कि अदालती आदेश मिलने के बाद युवती के देश से सबंधित दूतावास से संपर्क किया जा चुका है, स्थानीय प्रशासन के सहयोग से विदेशी युवती को उसके देश से जुड़े दूतावास के माध्यम से किर्गिस्तान के लिए भिजवाया जाएगा।
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