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Lakhimpur Kheri News: नवरात्र के व्रत रख भक्तों ने की मां कूष्मांडा की पूजा

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संपूर्णानगर में मिट्टी की ट्राली के साथ मौजूद लेखपाल व अन्य। संवाद
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लखीमपुर खीरी। भक्तों ने मंगलवार को मां भगवती के चतुर्थ स्वरूप देवी कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की। नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-उपासना करने का विधान है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा की पूजा और उपासना करने से भक्तों के सभी तरह के रोग, कष्ट और शोक समाप्त हो जाते हैं। इस बार चैत्र नवरात्र नौ दिन के बजाय आठ दिन के हैं। नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को द्वितीया व तृतीय तिथि एक साथ रहीं। इसी कारण मंगलवार को देवी के चौथे स्वरूप की उपासना की गई।
नवरात्र पर प्रति दिन देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र में मां के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा करने से भक्तों की आयु, यश, कीर्ति, बल और आरोग्यता में वृद्धि होती है। भगवती पुराण में देवी कूष्मांडा को अष्टभुजा से युक्त बताया है।
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मंगलवार को सुबह से ही देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। महिलाएं कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। सभी ने एक एक कर मंदिर में देवी के दर्शन के साथ पूजा की। संकटा देवी मंदिर परिसर में सजे माता के दरबार में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शहर के शीतला देवी, बंकटा देवी, भुइयां माता मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में लोग पूजा पाठ के लिए आते रहे।




मां कूष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य

संकटा देवी मंदिर के मुख्य पुजारी अंकुर शुक्ला ने बताया कि मां कूष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य है। उनके आठ भुजाएं हैं, जिनमें कमंडल, धनुष, बाण, कमल का फूल, अमृत कलश, चक्र, गदा और जपमाला धारण किए हुए हैं। मां सिंह की सवारी करती हैं। उनका यह स्वरूप शक्ति, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है।




पूजा का महत्व

विशेष रूप से माना जाता है कि मां की कृपा से भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। देवी कूष्मांडा रोगों का नाश करने वाली और आयु में वृद्धि करने वाली मानी जाती हैं। मां कूष्मांडा की पूजा करने से भक्तों के सभी रोग, दुख और कष्ट समाप्त हो जाते हैं। इनकी पूजा से आयु, यश, बल और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इनके पूजन से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है और मनुष्य की आरोग्यता बनी रहती है। मां कूष्मांडा की आराधना से जीवन में सभी प्रकार की समृद्धि और सुख-शांति का प्रवेश होता है।






नवरात्र पर मंदिरों में लग रही भीड़, हो रही भागवत कथा



पलियाकलां। भीरा मार्ग स्थित बोझवा में साईं मंदिर के परिसर में नवरात्र में भजन कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। आरती के बाद चंदन वंदन करने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। इसके अलावा बोझवा, मटैहिया में भागवत कथा आयोजन किया गया है, जिसमें तीसरे दिन की कथा जल भरकर शारदा से पैदल भरते हुए मंदिरों में चढ़ाया। गया। श्रीमद्भागवत मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना भी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में सेवादार व अन्य लोग शामिल रहे। संवाद

संपूर्णानगर में मिट्टी की ट्राली के साथ मौजूद लेखपाल व अन्य। संवाद

संपूर्णानगर में मिट्टी की ट्राली के साथ मौजूद लेखपाल व अन्य। संवाद

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