प्रदेश और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया
संयुक्त रसोइया मोर्चा के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर जिले भर से आए रसोइयों ने धरना प्रदर्शन कर प्रदेश और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। कैलाश कुमार कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मिडडेमील को एनजीओ के हाथ में देकर प्रदेश के लाखों रसोइयों की रोटी छीनने का कुचक्र रचा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विलोबी मेमोरियल में गांधी स्टेडियम पर रसोइयों ने सोमवार को जोरदार धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। महामंत्री नंदनी पांडेय ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा और निजी सहभागिता समाप्त होनी चाहिए। रसोइयों से भोजन बनवाकर बच्चों को दिया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि केरल, तमिलनाडू और पांडिचेरी में 7500 से 9000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दे रही हैै और उत्तर प्रदेश में एक हजार दिया जा रहा है। सौतेले व्यवहार को बंद कर समान रूप से भुगतान दिलाने की मांग की। धरने में तेजनरायन, सुधीर, वीरमति, दुर्गावती, गीतांजली, प्रेमचंद्र, मुनेश्वर, गोली देवी आदि शामिल हुए।