गोला गोकर्णनाथ। अग्निहोत्री धर्मशाला मामले में आपत्ति दर्ज होने के कारण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। धर्मशाला में रह रहे परिवार ने 43 लाख रुपये की मांग की है।
कॉरिडोर निर्माण में चिह्नित 43 निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है। मलबा हटाने के साथ ध्वस्त किए गए स्थान का समतलीकरण भी शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सोमवती अमावस्या और नववर्ष पर श्रद्धालुओं के जनसमूह के उमड़ने के चलते कार्य रुका हुआ है।
इधर, गोकर्ण तीर्थ के दाईं ओर हंस राम मूलचंद अग्निहोत्री धर्मशाला को ध्वस्त करने के लिए निशानदेही कराई गई थी। सर्वराकार ने धर्मशाला को कॉरिडोर निर्माण में देते हुए ध्वस्त करने के लिए स्वेच्छा से सहमति दे दी थी, लेकिन कुछ लोगों ने इस मामले में डीएम के सामने आपत्ति दर्ज कराई है। फिलहाल निस्तारण तक ध्वस्तीकरण कार्रवाई को रोक दिया गया है।
एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि अग्निहोत्री धर्मशाला के मामले में कुछ लोगों ने डीएम के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। निस्तारण होने तक कार्रवाई रोकी गई है।
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धर्मशाला में रह रहे परिवार ने सर्वराकार से मांगे 43 लाख
धर्मशाला में रह रहे रविसुत शुक्ला ने बताया कि हंसराम मूलचंद धर्मशाला के बतौर केयरटेकर 36 वर्ष पूर्व पिता स्वर्गीय जगदंबा प्रसाद शुक्ला को नियुक्त किया गया था। 15 जुलाई 2009 में स्वर्गवास होने के बाद धर्मशाला के वह केयरटेकर हैं। धर्मशाला के सर्वराकार को केयर टेकर की नियुक्ति संबंधी पत्र प्रेषित कर दिया है। विगत करीब 37 वर्षों का न्यूनतम प्रतिमास 10,000 के हिसाब से 43 लाख रुपये से अधिक की धनराशि सर्वराकार द्वारा प्रदान की जानी चाहिए थी, लेकिन आज तक एक भी पैसा नहीं दिया गया। इसका एक वाद अस्सिटेंट लेबर कमिश्नर के न्यायालय में योजित किया गया था। लखीमपुर सिविल कोर्ट में भी वाद दायर किया गया था। दोनों न्यायालयों के सम्मन पहुंचने के बावजूद दोनों न्यायालयों में सर्वराकार या उनसे संबंधित कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ। प्रशासन के दबाव में धर्मशाला 30 दिसंबर को खाली करके प्रशासन को सौंप दिया था। हमारे साथ धर्मशाला में बहन, बहनोई और बहन का परिवार भी रहता था।