लखीमपुर/निघासन।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से शारदा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को निघासन तहसील क्षेत्र के गांव ग्रंट नंबर-12 में चार और घर शारदा नदी की तेज धार में विलीन हो गए। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गांव में शारदा नदी बीते एक माह से भीषण कटान कर रही है। शुरुआती एक सप्ताह तक भूमि कटान होता रहा। इसके बाद नदी ने आबादी की ओर रुख करना शुरू कर दिया और घरों को काटने लगी। शुक्रवार सुबह गांव निवासी मस्तराम, मनोरमा, शिवम और प्रकाश के मकान उनकी आंखों के सामने नदी की लहरों में समा गए।
ग्रामीणों के मुताबिक, बीते एक महीने में अब तक 23 घर और गांव का प्राचीन शिव मंदिर नदी की धारा में समा चुके हैं। सिंचाई विभाग कटान रोकने की कवायद में जुटा है, लेकिन अब तक ग्रामीणों को राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों को हर समय घर कटने का डर सता रहा है। गांव का एक और मंदिर कटान के मुहाने पर है।
शुक्रवार को कानूनगो देशराज वर्मा के नेतृत्व में गांव पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने हालात का जायजा लिया। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि कटान प्रभावित प्रत्येक पीड़ित को दैवीय आपदा मद से 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और आपात स्थिति की जानकारी तत्काल देने की अपील भी की।
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श्रीनगर बंधे पर छप्पर-तिरपाल के सहारे जिंदगी
ग्रंट नंबर 12 गांव में शारदा नदी की तेज धारा घरों को लगातार काट रही है। कई मकान कटने की कगार पर हैं। मजबूरी में ग्रामीण श्रीनगर बंधे पर घास-फूस के छप्पर और तिरपाल डालकर रह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बंद हो गई है। फिलहाल, लोग अपनी व्यवस्था से जैसे-तैसे खाना बना रहे हैं, लेकिन राशन खत्म होने पर बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। पीड़ित परिवारों ने बताया कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई मदद नहीं मिली है। अगर जल्द राहत और पुनर्वास नहीं मिला तो हालात और बिगड़ सकते हैं।