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सहुआपुर हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई तीन

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गांव में तीन लोगों की मौत के बाद गांव में पसरा पड़ा सन्नाटा।
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08 एलकेएच 15,16,17
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सहुआपुर हादसे में मृतकों
की संख्या बढ़कर हुई तीन
- तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
- गांव में पहुंचे शव तो पसरा मातमी सन्नाटा, किसी के घर नहीं जला चूल्हा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोला गोकर्णनाथ/ ममरी। मंगलवार की शाम मड़हा बाबा स्थान से भंडारा कर घर लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली के खाई में पलटने से हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। बुधवार को हादसे में घायल एक बालक की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। उधर, पोस्टमॉर्टम के बाद मृतकों के शव घर पहुंचने पर पूरे गांव में मातम पसरा है। हादसे को होनी मानकर ग्रामीणों ने मृतकों का अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन भीषण हादसे के गांव में किसी के घर में चूल्हा तक नहीं जला।
मंगलवार की देर शाम हुए हादसे में 32 लोग हताहत हुए थे, जिसमें उदयपुर निवासी चंदन लाल की 50 वर्षीय पत्नी सोमवती, ननिहाल आई इंद्रेश की 11 वर्षीय पुत्री अंशिमा की मौत हो गई थी। घायलों में 18 को जिला अस्पताल रेफर करने के साथ 12 को गोला सीएचसी में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। गांव वालों का कहना है कि हादसे में गंभीर पांच घायलों ट्रैक्टर चालक महेंद्र कुमार, जगमोहन की 15 वर्षीय पुत्री रोशनी, कमलेश के सात वर्षीय बेटे अमन कुमार, रामनरेश की पुत्री ममता देवी और भारत की पुत्री रोशनी देवी को लखनऊ रेफर किया गया था, जिसमें कमलेश के 7 वर्षीय पुत्र अमन कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस घटना से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है। जहां देखो वहां बस यही चर्चाएं हो रही है कि यदि सामने से आ रही पुलिस की गाड़ी साइड दे देती तो शायद इतना बड़ा हादसा होने से बच सकता था।
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उधर, कार्यवाहक थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह की गाड़ी चला रहे ड्राइवर राम बचन यादव अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि पुलिस की गाड़ी नहर रोड पर खड़ी थी। ट्रैक्टर ट्राली हड़बड़ाहट में खाईं में पलटी है क्योंकि ट्रैक्टर चालक महेंद्र कुमार हड़बड़ाहट में संतुलन खो बैठा था। उधर, देर रात पहुंचे एसपी संजीव सुमन ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद ग्रामीणों से हादसे की जानकारी ली। कार्यवाहक थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि चालक गाड़ी बैक करने वाला ही था इससे पूर्व ही ट्रैक्टर, ट्राली खंदक में पलट गई थी जिसमें पुलिस का कोई दोष नहीं है।
शव गांव में पहुंचते ही मच गई चीख पुकार
ममरी। मंगलवार की शाम सहुआपुर गांव के पास ट्रैक्टर ट्राली खंदक में पलटने से ट्राली के नीचे दबकर मरी उदयपुर निवासी महिला सोमवती, ननिहाल आई इंद्रेश की पुत्री अंशिमा के शव बुधवार की शाम जैसे ही गांव पहुंचे वैसे ही परिवार में चीख पुकार मच गई। जिनके शवों का अंतिम संस्कार तहसीलदार गोला विनोद कुमार गुप्ता, हैदराबाद थाना पुलिस की मौजूदगी में किया गया। तहसीलदार ने बताया कि हादसे में मरने वालों और घायलों को सहायता राशि दिलाने की घोषणा शासन प्रशासन के निर्देश पर बाद में की जाएगी। कोई बवाल होने न पाए इसको लेकर गांव में भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रहा। संवाद
देर रात सीएचसी पहुंचे एडीएम और एसपी
मंगलवार की देर रात एसपी संजीव सुमन और एडीएम संजय कुमार सीएचसी पहुंचे और घायलों और मृतकों के परिजन को सांत्वना दी। एसपी ने मौका मुआयना भी किया। पीड़ित परिवारों ने अधिकारियों के समक्ष रोष व्यक्त करते हुए पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग की। मृतकों के शवों को बुधवार की अलसुबह पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया।
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नातिन की मौत, नानी की हालत गंभीर
मितौली के रेवाना गांव निवासी इंद्रेश की पत्नी सुमन ने बताया कि वह अपनी 11 वर्षीय पुत्री अंशिमा और 7 वर्षीय पुत्र यस के साथ अपने मायके उदयपुर आई थी। मंगलवार को अंशिमा अपनी नानी गुड्डी देवी के साथ भंडारे में मढ़हा बाबा देवस्थान गई थीं। भीषण हादसे में अंशीमा की मृत्यु हो गई, वहीं नानी की हालत गंभीर बताई गई है।
मौका मुआयना किया है। जहां हादसा हुआ है वहां रोड काफी संकरी है। परिजन ने पुलिस पर आरोप लगाया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव सुमन, एसपी लखीमपुर खीरी
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