आलोक के पिता कुलदीप ने बेटा-बहू में किसी तरह के विवाद से इनकार किया। बताया कि उन्हें कभी विवाद का पता नहीं चला। मायके और ससुराल पक्ष के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। आपस में सुलह-समझौता कर दोनों के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। भीरा थानाध्यक्ष निराला तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों ने मृतकों के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
दरवाजा खुला तो सामने लटक रहे बेटा-बहू के शव
छह महीने पहले बड़े अरमान से जिस बेटे की शादी की थी। उसी बेटे और बहू का शव देख रुदपुर निवासी कुलदीप के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। खुद को संभालकर पुलिस और अधिकारियों के सवालों का जवाब देते रहे। परिजनों को भी समझा-बुझाकर शांत कराया। कुलदीप यादव ने बताया कि शनिवार की रात सब कुछ सही था। बेटा आलोक और बहू पूजा खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गए। वह कमरे के बाहर सो रहे थे।
सुबह जब बेटा-बहू कमरे से बाहर नहीं आए तो उनकी पत्नी जगाने पहुंची। दरवाजा खटखटाने पर जवाब नहीं मिला तो कुलदीप ने कमरे के दरवाजे पर लात मारी। सिटकनी टूटने से दरवाजा खुल गया। कमरे का दृश्य देखकर कुलदीप और उनकी पत्नी के होश उड़ गए। कमरे में बेटा आलोक और बहू पूजा का शव लटक रहा था। दोनों ने अलग-अलग फंदे से लटककर जान दे दी।
पिता और ससुर ने दी आत्महत्या की धमकी
पति-पत्नी के आत्महत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा और अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। इस पर परिजन भड़क गए। आलोक और पूजा दोनों के पिता ने पुलिस को आत्महत्या करने की धमकी दी। ग्रामीण भी आक्रोशित हो गए। यह देख पुलिस बैकफुट पर आ गई। परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।