लखीमपुर खीरी। ताइक्वांडो की राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले की बेटियां चमक बिखेर रही हैं। प्रदर्शन के दम पर बड़े मंचों पर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
खेल प्रेमियों का मानना है कि ताइक्वांडो में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी न केवल आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश भी वे दे रही हैं। जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं ने खिलाड़ियों की प्रगति को और गति दी है। शहर के अर्जुनपुरवा की दीपांशी ब्लैक बेल्ट के साथ ही राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। राज्य स्तर की खिलाड़ी अफ़्सा खान का चयन राष्ट्रीय ताइक्वांडो के लिए हुआ है। जिले के गांव अयोध्यापुर की मयूरी चौहान भी ब्लैक बेल्ट हैं। वह चार बार से लगातार स्टेट गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं। ग्राम कोरारा कंचनपुरी निवासी जसमेल कौर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सिल्वर मेडल प्राप्त कर चुकी हैं। शहर की आबिदा ने भी कई बार राज्य और राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है। वह भी ब्लैक बेल्ट हैं। इन सभी ने बातचीत में अपने अनुभव साझा किए हैं। संवाद
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नेशनल टीम में चयन होना मेरे लिए गर्व की बात है। रोजाना अभ्यास और कोच की कड़ी ट्रेनिंग ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है।
- दीपांशी प्रजापति, नेशनल खिलाड़ी
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इस खेल ने मुझे आत्मविश्वास से भर दिया है। मेरा लक्ष्य है कि इस बार नेशनल में खेलकर जिला और प्रदेश का नाम रोशन करूं।
-अफ्सां खान, राज्य स्तरीय खिलाड़ी
लखीमपुर की बेटियां अब किसी भी खेल में पीछे नहीं हैं। बस आवश्यकता है कि निरंतर प्रयास और अच्छी सुविधाओं की।
- मयूरी चौहान, गोल्ड मेडलिस्ट
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परिवार और कोच के सहयोग ने मुझे हर चुनौती से लड़ने की ताकत दी है। अब आगे भी मुझे बेहतर प्रदर्शन करना है।
- जसमेल कौर, ब्लैक बेल्ट
राज्य स्तर पर पदक जीतना मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक रहा है। अब नेशनल में स्वर्ण पदक जीतना ही मेरा लक्ष्य है।
- आबिदा फिरदौस, नेशनल खिलाड़ी
जसमेल कौर
जसमेल कौर
जसमेल कौर
जसमेल कौर
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