चक्रवाती तूफान के चलते हुए अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से फसलों को क्षति के संबंध में सचिव एवं राहत आयुक्त लीना जौहरी ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि जनहानि की स्थिति में कोषागार 27 मद के तहत धनराशि आहरित कर मृतक आश्रित को सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मार्च के पहले सप्ताह में कई दिन हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद राहत आयुक्त ने दो, तीन और 10 मार्च को पत्र जारी कर फसलों के नुकसान की रिपोर्ट मांगी थी। इस पर सभी तहसीलों द्वारा 50 फीसदी से कम नुकसान होने की रिपोर्ट दी गई थी, जिससे किसानोें को मुआवजे की उम्मीदों को झटका लगा था। इसके बाद 14 और 16 मार्च को हुई बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान के संबंध में रिमाइंडर जारी किया है। लिहाजा एडीएम ने सभी तहसीलों से नए प्रारूप पर दोबारा रिपोर्ट तलब की है, जिसमें कुछ तहसीलों ने ब्यौरा दिया है। इस बार किसानवार फसलों को नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है, जिससे किसानों को मुआवजा मिलने की उम्मीद है। राहत आयुक्त ने फसलों को क्षति का प्रारंभिक अनुमान और जनहानि के संबंध में जानकारी मांगी है।
एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि सभी तहसीलों से फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट नए फार्मेट पर मांगी गई है। पलिया तहसील के बेला परसुआ की रिपोर्ट मिली है, जिसमें तीन हेक्टेयर लाही और 15 हेक्टेअर मसूर की फसल नष्ट हुई है। 50 फीसदी या इससे अधिक नुकसान वालेे किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।