सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने के छह दिन बाद लिखा दूसरा पत्र
लखीमपुर खीरी। शाहजहांपुर की विधानसभा ददरौल के भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह ने खीरी जिले के पसगवां ब्लॉक में तैनात बीईओ डॉ. बृजेश त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई संगीन आरोप लगाते हुए 12 सितंबर 2021 को पत्र सीएम को भेजा था। साथ ही खीरी के भाजपा जिलाध्यक्ष, डीएम, एसपी व बीएसए को प्रतिलिपि भेजी थी। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई। छह दिन के बाद 18 सितंबर को विधायक की ओर से दूसरा पत्र जारी कर दिया गया, जिसमें उन्होंने पसगवां बीईओ को ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ बताते हुए पहले पत्र में लगाए आरोपों का खंडन कर दिया।
विधायक मानवेंद्र सिंह ने पहले पत्र में लिखा था कि बीईओ पसगवां डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी भ्रष्टाचार में संलिप्त रहते हैं। शिक्षकों का मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न करते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह द्वारा आठ फरवरी 2021 को बेसिक शिक्षामंत्री को पत्र लिखकर बीईओ के खिलाफ शिकायत किए जाने का जिक्र किया है। विधायक ने बताया है कि पसगवां ब्लॉक में भी चेकिंग के बाद नकहा ब्लॉक के अनुदेशक अभिषेक जायसवाल के जरिए शिक्षकों से पैसे की मांग की जाती है और न देने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती है। बच्चों के लिए निशुल्क किताबों को बीआरसी पसगवां से शिक्षकों को उठाने के लिए मजबूर किया जाता है, जबकि शासनादेश में स्कूल तक किताबें पहुंचाने की जिम्मेदारी बीईओ की है। कंपोजिट ग्रांट में 10 प्रतिशत कमीशन की मांग करने का आरोप लगाया। साथ ही प्राथमिक विद्यालय कोटरी के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अनुपम से दस हजार रुपये 10 सितंबर 2021 को धमकाकर लेने का आरोप लगाया था। बीईओ का स्थानांतरण करके आय से अधिक संपत्ति की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
यह पहला पत्र सोशल मीडिया पर शनिवार को वायरल हुआ, जिसके बाद शाम को करीब छह घंटे के बाद विधायक मानवेंद्र सिंह ने दूसरा पत्र जारी कर दिया। इसमें उन्होंने पहले जारी पत्र के बारे में बताया है कि जानकारी के अभाव में ऐसा हो गया था। विधायक ने बताया है कि ब्लॉक पसगवां की जानकारी प्राप्त की गई, जिसमें बीईओ डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी की कार्यशैली अच्छी और साफ सुथरी है। वह ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति हैं और ब्लॉक क्षेत्र की शैक्षिक उन्नति के लिए प्रयासरत हैं।
पसगवां बीईओ के खिलाफ शाहजहांपुर के ददरौल से विधायक द्वारा सीएम को भेजे पत्र की जानकारी मिली है, जिसके बाद उनके द्वारा दूसरा पत्र भी जारी कर दिया गया है। बीईओ के खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों के एकदम उलट थे, जिससे उन्होंने पहले पत्र का खंडन किया है और बीईओ की कार्यशैली संतोषजनक बताई है। - डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए
शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारी आए थे। उन्होंने बीईओ पर दबाव बनाने के लिए हमसे लेटर लिखवा लिया। बीईओ के बारे में हमें जानकारी नहीं थी, लेकिन जब मामले की पड़ताल की तो पता चला कि बीईओ कुछ दिन पहले ही पसगवां ब्लॉक में आए हैं। उनका व्यवहार भी ठीक बताया गया है, जिससे हमने पहले वाले पत्र का खंडन किया है और इसकी सूचना मुख्यमंत्री को भी दी है। - मानवेंद्र सिंह, विधायक, ददरौल