युवक की मौत पर रोते बिलखते परिवारीजन
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। दो अलग-अलग घटनाओं में खेत के चारों ओर जानवरों को रोकने के लिए लगाए गए तारों में करंट उतर आने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक युवक झुलस गया।
महेवागंज/सुंदरवल। थाना फूलबेहड़ क्षेत्र की चकपुरवा ग्राम पंचायत के मजरा हजूरपुरवा गांव निवासी छोटे लाल (38) पुत्र जगन बुधवार सुबह सात बजे खेतों की तरफ गया था। गांव से कुछ ही दूर गुड्डू के खेत में फसल की रखवाली के लिए लगी तार की बाड़ को पार करने लगा। इस बीच वह तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में आकर गिर गया। जब तक लोग उसे बचाते। उसकी वहीं मौत हो गई। वही दूसरे छोर पर गांव का ही पुनीत (20) पुत्र शिवनंदन भी खेत में घुसते समय करंट की चपेट में आ गया। गनीमत रही कि उसने हाथ में मौजूद छाता लाइन पर मार कर खुद को किसी तरह बचा लिया, जबकि एक पशु की मौत हो गई। ग्रामीणों और घर वालों को आशंका है कि पोल के पास लगे पेड़ की डाल टूटकर बिजली लाइन पर गिर गई। इससे पोल और उसके सहारे खेत के चारों ओर बंधे कटीले तार में करंट उतर आने से हादसा हुआ। प्रभारी निरीक्षक एसएन सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया गया है। पुलिस को अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर युवक की मौत से उसके परिवार में चीखपुकार मची है।
पलियाकलां। पटिहन गांव निवासी 60 वर्षीय खुशीराम घर के सामने धान के खेत में मवेशियों को भगाने गए थे। सामने एक खेत में मवेशियों के लिए खेत के चारों तरफ तार लगाया गया था। यहां खेत में एक विद्युत पोल भी लगा हुआ है। बारिश के कारण बिजली के पोल में करंट उतर आया जो तारों में भी फैल गया। मवेशियों को भगाते समय खुशीराम इन्हीं तारों की चपेट में आ गए और बेहोश होकर गिर गए। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने एंबुलेंस को बुलाकर खुशीराम को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजन में कोहराम मचा हुआ है।
एचटी लाइन के चपेट में आकर दो भाई झुलसे
मैगलगंज। औरंगाबाद कस्बे की तरफ कबाड़ भरने जा रही डीसीएम के ऊपर केबिन में बैठे दो सगे भाई कसबा मैगलगंज निवासी दिहाड़ी मजदूर शेखर और श्याम हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गए। दोनों को सीएचसी मितौली में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत में सुधार है। हाईवे ऊंचा होने के कारण 11000 लाइन काफी नीचे आ गयी है, जिससे बड़े वाहनों के ओवरटेक करते समय तार वाहनों में छूने की आशंका रहती है। फिर भी बिजली विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। संवाद