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सादगी से मना मोहर्रम, पुलिस रही चौकस, नहीं निकले जुलूस

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शहर के कर्बला में ताजिया दफनाने के बाद फातिहा पढ़ते ताजियेदार - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के कारण रविवार को मोहर्रम सादगी के साथ मनाया गया, जुलूस भी नहीं निकले। अकीदतमंदों ने इस बार छोटे ताजिए घरों में रखकर सादगी के साथ उन्हें करबला में सुपुर्द ए खाक किया। गाइड लाइन का पालन कराने के लिए जिला प्रशासन भी सतर्क रहा। शहर के चौराहे हों या फिर गलियां, हर जगह पुलिस बल तैनात रहा।
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कोरोना संक्रमण के कारण मोहर्रम पर जुलूस निकालने पर पाबंदी थी। शासन की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन कराने के लिए शहर के संकटा देवी चौराहा, सौजन्या तिराहा, गुरुगोविंद सिह तिराहा, हिदायत नगर चौराहा आदि पर पुलिस बल तैनात रहा तो वहीं शहर में पुलिस की गाड़ियां भी हूटर बजाकर गश्त करती रहीं।
खीरी टाउन कोरोना संक्रमण के चलते अकीदतमंदों ने इस बार ताजियों का जुलूस न निकालकर अकेले ही करबला पहुंचकर ताजिए सुपुर्दे खाक किए। लोगों ने शनिवार रात इमाम हुसैन की शहादत की याद में घरों में ताजिए रखकर रातभर इबादत की। घरों में ही मातम मजलिस का आयोजन हुआ। साथ ही कोरोना से निजात दिलाने के लिए दुआ मांगी गई। रविवार सुबह अकेले करबला पहुंचकर ताजिए सुपुर्दे खाक किए। शनिवार शाम नमाजे मगरिब के बाद शिया इमामबाड़े में पांच लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन कर शामे गरीबां की मजलिस आयोजित की। इसमें मौलाना डॉ. कमर अब्बास जाफरी ने बताया कि इमाम हुसैन ने जुल्म के आगे नतमस्तक न होकर सर कटाना बेहतर समझा। इसलिए उनकी याद में हर साल ताजिए रखकर कर्बला के शहीदो को याद किया जाता है।
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गोला गोकर्णनाथ मोहर्रम पर शांति सुरक्षा बनाए रखने और कोरोना को लेकर जारी गाइड लाइन का पालन कराने के लिए एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ आरके वर्मा ने पुलिस बल के साथ शहर में पैदल मार्च किया। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार यादव, अपराध निरीक्षक राजेश यादव, एसआई कुलदीप सिंह, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
अमीरनगर मोहम्मदी कोतवाली निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी, चौकी प्रभारी लल्ला गोस्वामी, रेहरिया चौकी प्रभारी मनीष पाठक ने पुलिस फोर्स के साथ कस्बा सहित मोहम्मदपुर, मेला मैदान, रसूलपुर, गरदहा आदि गांवों का भ्रमण किया। रविवार को क्षेत्र के गांवों में ताजिए दफन किए गए।
ममरी कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या और प्रशासन की गाइड लाइन को लेकर इस बार मोहर्रम पर मातमी धुन सुनाई नहीं दी और न ही ताजियों के जुलूस निकले। लोगों ने छोटे ताजिए करबला में दफन किए। पुलिस भी लोगों को जुलूस न निकालने की हिदायत देती रही।
रोशननगर सादगी के साथ मोहर्रम मनाया गया। लोगों ने अपने घरों पर नियाज, फातेहा कर हजरत इमाम हुसैन की जियारत की। श्रद्धालुओं ने कोरोना महामारी के खात्मे की दुआ मांगी। क्षेत्र के गांव वनबुधेली, जघमुनहां, सरकारगढ़, अंगदपुर आदि में भी मोहर्रम मनाया गया।
बांकेगंज मोहर्रम को लेकर एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ गोला आरके वर्मा और थाना मैलानी इंस्पेक्टर विद्या शंकर शुक्ला, भूपेंद्र सिंह आदि ने बांकेगंज, कुकरा में पुलिस फोर्स के साथ पैदल भ्रमण किया। अधिकारियों ने शासन की गाइड लाइन का पालन कर घरों में ही मोहर्रम मनाने को कहा।
मोहम्मदी मोहर्रम पर शुक्लापुर से गुरैला करबला जाने वाला ताजियों का जुलूस इस बार नहीं निकला। नौ मोहर्रम की शाम से ही कस्बे के चौराहों पर पुलिस की चौकसी रही। एसडीएम स्वाति शुक्ला, सीओ विवेक उपाध्याय, इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ नगर में गश्त करते रहे। रात में अब्बास नकवी, हसन नकवी, आलिम रजा, अकरम रिजवी, जमीर रिजवी, भोला जैदी, कुमैल अली ,मुमताज, लकी सहित अन्य मातमदारों ने घरों मे इमाम हुसैन की शहादत को याद किया।
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मझगईं कोविड-19 के चलते छोटे ताजिए चौक पर रखकर हसन हुसैन की नियाज फातेहा दिलाई। दसवीं मोहर्रम की सुबह ताजियों को करबला में ले जाकर दफन किया।
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