211.96 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 15.30 लाख क्विंटल बनाई चीनी
खीरी में चीनी मिलें नौ, लेकिन क्रसर की संख्या पिछले से बढ़कर हो चुकी है 28
लखीमपुर खीरी। जनपद में नौ चीनी मिलों के अलावा 28 क्रसर/खांडसारी इकाइयां भी चीनी का उत्पादन करती हैं। वर्ष 2021-22 में इन क्रसर ने 211.96 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके 15.30 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है, जो पिछले वर्ष के चीनी उत्पादन से नौ हजार क्विंटल अधिक है। खांडसारी अधिकारी के मुताबिक, इस वर्ष क्रसर मालिकों द्वारा अच्छे रेट पर किसानों से गन्ना खरीदा गया, जिससे नगद पैसे की इच्छा रखने वाले किसानों ने इन्हें गन्ना बेचने में गुुरेज नहीं किया।
चीनी का कटोरा कहे जाने वाले खीरी जनपद में चीनी मिलों की संख्या नौ है, लेकिन क्रसर की संख्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है। पिछले वर्ष 26 क्रसर ने गन्ना पेराई की थी, लेकिन इस वर्ष दो नई क्रसर द्वारा पेराई प्रारंभ करने से इनकी संख्या बढ़कर कुल 28 हो गई है।
जिस तरह धान-गेहूं बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों को विभिन्न तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है, ठीक वैसा ही हाल चीनी मिलों में गन्ना बेचने का भी है। कई चीनी मिलें तो कई महीने बीतने के बाद किसानों को भुगतान करती हैं, जिससे किसानों ने नगद भुगतान के लिए क्रसर पर गन्ना बेचना फायदेमंद समझा। 2021-22 में 28 क्रसर द्वारा किसानों को कुल पांच अरब 41 करोड़ 40 लाख 30 हजार 140 रुपये का भुगतान किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक रिकार्ड है, जबकि पिछले वर्ष 2020-21 में क्रसर द्वारा 205.39 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी, जिससे 15.21 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन हुआ था।
खांडसारी अधिकारी सीएम उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष क्रसर मालिकों ने करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदा है, जबकि चीनी मिलों द्वारा 325 से 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना खरीदा जाता है। रेट में मामूली अंतर होने के कारण किसानों ने क्रसर पर भी गन्ना आपूर्ति करके खांडसारी उद्योग को बल प्रदान किया है। खांडसारी अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में खांडसारी विभाग द्वारा गन्ना सर्वे की क्रॉस जांच कराई जा रही है।