फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: बिना किसान आईडी नहीं मिलेगी सम्मान निधि, अन्य योजनाओं से भी रहेंगे वंचित; तुरंत करा लें ये काम

Mon, 30 Dec 2024 04:06 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी जिले में अभी मात्र 12,428 किसानों की ही आईडी बनी है, जबकि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ जिले के 5.56 लाख किसानों मिल रहा है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी जिले में किसान आईडी न बनवाने वाले 5.44 लाख से अधिक किसानों की सम्मान निधि अटक सकती है। जनवरी में जारी होने वाली किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को दी जाएगी, जिनकी किसान आईडी बनी होगी। इतना ही नहीं, आईडी न होने से किसानों को अन्य कई योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा। किसान आईडी एक ऐसा दस्तावेज है, जो किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद करता है। यह कार्ड किसानों की पहचान स्थापित करने और उनके अधिकारों को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

विज्ञापन


जिले में किसान आईडी बनवाने के लिए काफी समय से प्रयास चल रहे हैं, लेकिन किसान उसमें रुचि नहीं ले रहे। अभी मात्र 12,428 किसानों की ही आईडी है। जबकि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ जिले के 5,56,968 किसानों मिल रहा है। किसान आईडी न बनवाने वाले किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से वंचित कर दिया जाएगा। अगले महीने में ही योजना की धनराशि जारी होनी है। किसानों को अगर योजना का लाभ लेना है, तो वह जल्द से जल्द अपनी किसान आईडी बनवा लें, ताकि किसी भी योजना से वंचित न रहें। 

शिविर में दी गई एप की जानकारी
मोहम्मदी तहसील क्षेत्र के गांव केहुआ रधोला में किसान सम्मान निधि शिविर का आयोजन किया गया। इसमें किसान फार्मर आईडी और एप के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि किसान एप डाउनलोड कर अपने आप केवाईसी की जा सकती है। लेखपाल रजनीश कुमार ने केहुआ में करीब 80 किसानों का सत्यापन किया। कृषि विभाग ने रधोला में किसानों का ऑनलाइन आवेदन किया। एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार ने किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि फार्मर आईडी एप डाउनलोड कर किसान सम्मान निधि के जानकारी लें और अपना आवेदन करें। 

किसान आईडी बनवाने के चार विकल्प 
किसान आईडी बनवाने के लिए किसानों को चार विकल्प दिए गए हैं। विभाग की ओर से गांव और ब्लॉकों में कैंप लगाए जा रहे हैं। किसान कैंप में जाकर आधार और खतौनी सहित अन्य दस्तावेज देकर किसान आईडी बनवा सकता है। कैंप में होने वाले आवेदनों को अप्रूवल संबंधित लेखपाल करेंगे। इसके अलावा किसान जनसेवा केंद्र व खुद ही अपने मोबाइल से इसको बनवा सकते हैं। आधार और खतौनी का नाम मैच होने पर स्वयं ही अप्रूवल हो जाएगा। 
विज्ञापन

सर्वर दे रहा धोखा, अफसर परेशान  
किसान आईडी को लेकर शासन काफी सख्त है। शासन की सख्ती के बाद डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने विभागीय अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि जल्द से जल्द किसानों के किसान आईडी कार्ड बनवाएं, लेकिन दुर्भाग्य है कि किसान आईडी वाला सर्वर काम नहीं कर रहा है। कैंप में पूरे-पूरे दिन स्टाफ खाली बैठा रहता है, जो एक बड़ी समस्या है।

उपकृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्रा ने बताया कि जिले के सभी किसानों को किसान आईडी बनवाना अनिवार्य है। कैंप लगाकर किसान आईडी बनाई जा रही है। साथ ही किसान स्वयं भी बना सकते हैं। अगले महीने में किसान सम्मान निधि आनी है। यह निधि सिर्फ उन्हीं को मिलेगी जिनकी किसान आईडी बनी होगी। ऐसे में सभी किसान जल्द से जल्द किसान आईडी बनवा लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें