शहर के पार्क बन रहे नशे का अड्डा
120 रुपये में खुलेआम बिकती है स्मैक की पुड़िया
पार्कों में नशेड़ियों को देख आंखें फेर लेती है पुलिस
मादक पदार्थों का सेवन युवा पीढ़ी को बर्बादी के हाशिए पर लाकर खड़ा कर दिया है। शहर के कुछ पार्क और ऐतिहासिक स्थल ऐसे हैं, जो नशेड़ियों के अड्डे बन गए हैं। पार्क शाम होते ही नशेड़ियों से गुलजार हो जाते हैं।
कचहरी रोड की अति व्यस्त सड़क के किनारे स्थित कंपनी गार्डेन में सैर करने वाले लोग सुबह शाम आते हैं, लेकिन नशेड़ी किस्म के लोगों की भीड़ यहां किसी समय भी देखी जा सकती है। इस वजह से लोग परिवार के साथ यहां आना पसंद नहीं करते हैं। यही हाल ईदगाह स्थित संकटा प्रसाद वाजपेई पार्क का भी यही स्थिति है। विलोबी मेमोरियल हाल का मैदान तो मादक पदार्थों का सेवन करने का हब बन गया है। गांजा, चरस, स्मैक पीने और नशीला इंजेक्शन खुद को लगाने वालों के अलावा शाम को यह मेमोरियल हाल मयखाने में भी तब्दील हो जाता है। कारों और बाइकों से आने वाले युवकों के समूहों को किसी कोने में पैक मारते तो किसी को चिलम और स्मैक से भरी सिगरेट का धुआं छोड़ते देखा जा सकता है। कुछ लोग खुद को नशीले इंजेक्शन भी लगाते मिलेंगे। मैदान में बना स्टेडियम सुरक्षित और सुविधा जनक होने के कारण नशेड़ियों की पसंदीदा जगह है। राजकीय इंटर कॉलेज और पुराना एसपी बंगला का मैदान भी इससे अछूता नहीं है। पुलिस सबकुछ देखने के बाद भी पार्कों की तरफ रुख नहीं करती। नशे का कारोबार करने वाले लोगों ने स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले किशोरों और नौजवानों को अपना निशाना बना रखा है। कॉलेजों में सक्रिय उनके एजेंट छात्रों को पहले नशे की आदत डालते हैं। बाद में उनसे मोटी रकम ऐंठकर मादक पदार्थ सप्लाई करते हैं। स्मैक की पुड़िया 120 रुपये में खुलेआम बिकती है।
इन स्थानों पर बिकती है चरस और स्मैक
शहर में नशे के अड्डों के अलावा शहपुरा कोठी, प्यारेपुर, इमली चौराहा, महाराजनगर, गुटैयाबाग, संकटा देवी, गढ़ी रोड, अर्जुनपुरवा, शिवकॉलोनी, मिश्राना, नहर के किनारे और ऐरा रोड पर यह कारोबार बखूबी चल रहा है। पान और परचून की दुकानों पर यह सामग्री आसानी से मिल जाती है।
पार्कों और विलोबी मैदान की अचानक चेकिंग कराई जाएगी। यदि कोई शराब पीता या किसी अनैतिक कार्य में लिप्त मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी