दुधवा टाइगर रिजर्व और विश्व प्रकृति निधि भारत का कार्यक्रम
- दुधवा पर्यटन परिसर में किया गया आयोजन
दुधवा टाइगर रिजर्व एवं विश्व प्रकृति निधि भारत के संयुक्त तत्वावधान में दुधवा पर्यटन परिसर में देशस्तरीय हाथी गणना 2017 के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें बैंगलोर के प्रशिक्षक ने वनाधिकारियों को हाथी की गणना के तरीके बताए गए। साथ ही हाथी गणना की पद्घति के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
दुधवा पर्यटन परिसर में मुख्य अतिथि फील्ड डायरेक्टर सुनील चौधरी के निर्देशन पर प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें बैंगलोर के एशियन एलीफैंट रिसर्च से आए डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने एक दिवसीय कार्यशाला में वनाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में डीडी महावीर कौजलगि ने बताया कि मई माह में पूरे देश में जंगली हाथियों की गणना हो रही है इसी क्रम में हाथी गणना की पद्घति को बताने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिससे तराई में जंगली हाथियों वाले क्षेत्र के वनाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके। विश्व प्रकृति निधि भारत के को-आर्डिनेटर डॉ. मुदित गुप्ता ने बताया कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ विशेषकर तराई क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण का कार्य कर रहा है और बाघ, हाथी, गैंडा के कारीडोर सुरक्षा हेतु इनकी वास्तविक संख्या की जानकारी के लिए वैज्ञानिक पद्घति से गणना में सहयोग कर रहा है। वार्डन नरेन्द्र उपाध्याय ने इस संबंध में देहरादून में प्रशिक्षण प्राप्त कर स्थानीय फील्ड स्टाफ का गणना कार्य में सहयोग करेंगे। फील्ड डायरेक्टर ने सभी का आभार जताया। कार्यशाला में वन्यजीव प्रतिपालक किशनपुर केएन गौतम, कर्तनिया घाट पीएन राय, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी दबीर हसन, रोहित रवि, सहायक परियोजनाधिकारी राधेश्याम भार्गव समेत कर्तनिया घाट वन्यजीव प्रभाग, दुधवा एवं पीलीभीत टाइगर रिजर्व की समस्त रेंजों के अधिकारी और स्टॉफ मौजूद रहा।