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खेसवाही गांव में पुलिस सुरक्षा में हुई वटसावित्री पूजा

Thu, 25 May 2017 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो धौरहरा। 
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तनाव - फोटो : अमर उजाला
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एक समुदाय के लोगों ने पूजा स्थल पर लगाया ताला
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पुलिस ने तोड़ा ताला, कड़ी सुरक्षा के बीच देर से हुई पूजा
कोतवाली क्षेत्र के खेसवाही गांव में वट सावित्री पूजास्थल को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। एक समुदाय के लोगों ने अपना मालिकाना हक जताते हुए पूजा स्थल पर ताला जड़ दिया। मामले में स्थानीय विधायक के दखल पर प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए ताला तुड़वाकर पूजा शुरू कराई।
खेसवाही गांव वट सावित्री पूजास्थल पर एक समुदाय के इसराइल, तौकीर, हसमत, सुपाहिद आदि अपनी भूमि बता कर उस पर काबिज हो गए हैं। यही नही इस वट वृक्ष के चारों ओर दीवार बना कर गेट लगाया और उसमें ताला डाल दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि धार्मिक स्थल पर कब्जे की शिकायत के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। पिछले साल पूजन करने गई महिलाओं पर समुदाय विशेष की महिलाओं ने पथराव  भी किया था। इस बार भी यही योजना थी। जिसकी शिकायत एक दिन पहले ही सैकड़ों ग्रामीणों ने एसडीएम, कोतवाल और विधायक बालाप्रसाद अवस्थी से की थी।
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विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने मामले को डीएम, एसपी के संज्ञान में डाला तब जाकर प्रशासन सक्रिय हुआ। सुबह ही महिला पुलिस बल समेत कोतवाल मौके पर पहुंच गए। पूजास्थल पर ताला पडा़ होने से वह दूसरे पक्ष के लोगों को तलाश कराने लगे। पुलिस की मौजूदगी देख आरोपी मौके से फरार हो गए। जिसपर कोतवाल दीपक शुक्ला ने गेट का ताला तुड़वाकर पूजा शुरू कराई। 
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कोतवाल दीपक शुक्ल ने बताया कि दोनों समुदाय उस स्थल पर अपना हक जताते हैं बीते वर्ष सुलह समझौता हो गया था तब यह तय हुआ था कि इस साल पूजन के बाद दूसरा स्थल बना लेेंगे। इस बार उसी स्थल पर पूजा करने का लोग विरोध कर रहे थे। फिलहाल मामला निपट गया है।  विधायक बालाप्रसाद अवस्थी ने कहा कि वट सावित्री पूजन का निश्चित स्थल पर होता है। दूसरे समुदाय को भी भावनाओं का आदर करना चाहिए।
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