गौरीफंटा की बनकटी रेंज का मामला, कई थानों की पहुंची पुलिस
आदिवासी जनजाति थारू क्षेत्र के बनकटी रेंज में जंगल से लकड़ी उठाने के आरोप में वन कर्मचारियों ने दो थारू युवकों को पकड़ लिया, इससे लोग भड़क गए और रेंज कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। सूचना पर कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। काफी देर बाद किसी तरह से समझा बुझाकर ग्रामीणों को शांत कराया गया।
थारू जनजाति के ग्राम बिरिया निवासी राजकिशोर राना और बृजेश राना को वन विभाग की बनकटी रेंज के कर्मचारियों ने जंगल से लकड़ी उठाने के आरोप में पकड़ लिया और उनको वन रेंज कार्यालय ले आए। इससे नाराज बड़ी संख्या में लोग सैकड़ों लोग बनकटी रेंज कार्यालय पहुंचे और दोनों युवकों को छोड़ने की बात कही। जिस पर वन कर्मचारियों ने छोड़ने से इंकार कर दिया। इस पर भड़के ग्रामीणों ने रेंज कार्यालय का घेराव कर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ बढ़ने पर वन कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर गौरीफंटा कोतवाल अजीत कुमार, पलिया एसओ विपिन कुमार सिंह, चंदनचौकी एसओ सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। पुलिस और वन कर्मचारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण दोनों युवकों को छोड़े जाने की बात पर अड़े रहे। देर शाम स्थिति को भांपकर दोनों युवकों को छोड़ा गया। तब जाकर आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। गौरीफंटा चौकी इंचार्ज तुलसीराम चौरसिया ने बताया कि ग्रामीण जलौनी लकड़ी लाने की बात कह रहे थे जबकि वन कर्मचारियों का कहना है कि यह लोग जंगल से लकड़ी ला रहे थे। इसी बात पर दोनों को पकड़ा गया था। बताया कि मामला शांत हो चुका है दोनों युवकों को छोड़ दिया गया है।