चौराहों से यात्रियों को बैठा रही थी यूपी 100 डायल सेवा
एसपी ने दिए विभागीय जांच के आदेश
जरूरतमंदों की मदद के लिए चलाई गई यूपी 100 डायल की गाड़ियां अपने उद्देश्य से भटक गई हैं। इन गाड़ियों पर तैनात पुलिसकर्मी अवैध वसूली से लेकर सवारियों को उनके गंतव्य तक भी पहुंचाने में कोई गुरेज नहीं करते हैं। ऐसा ही मामला बुधवार की शाम को शहर के एलआरपी चौराहा पर देखने को मिला। सदर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ी एक यूपी 100 डायल की गाड़ी सवारियों को बैठा रही थी। मामला सोशल मीडिया पर जब वायरल हुआ तो एसपी ने इसे गंभीरता से लिया। एसपी ने गाड़ी के मुख्य आरक्षी राम भरोसे वर्मा और चालक धर्मेंद्र कुमार रावत को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने दोनों आरोपियों की विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
पिछली प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने और सूचना पर तुरंत पुलिस पीड़ित के दरवाजे पर पहुंचे, इसके लिए यूपी 100 डायल सेवा शुरू की थी। कुछ दिन तक तो यह सेवा तो ठीक ठाक चली, लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी से उतरने लगी। हालात यहां तक पहुंच गए कि गाड़ियां निर्धारित प्वाइंटों पर खड़ी होने के बजाय अवैध वसूली में जुट गईं। अवैध वसूली की कई शिकायतें लखनऊ मुख्यालय तक भी पहुंची, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इन गाड़ियों को सवारियां ढोने में उपयोग किया जाने लगा। इसकी नजीर बुधवार को सदर कोतवाली के एलआरपी चौराहा पर देखने को मिली। टैक्सी स्टेंड के पास यूपी 100 डायल की पीबीआर 2850 गाड़ी खड़ी थी। गाड़ी के सिपाही यात्रियों को यूपी 100 में बैठा रहे थे। लखनऊ जाने वाली सवारियां सिर्फ एक सौ रुपये के हिसाब से बैठाई जा रही थीं। जब इसका विरोध टैक्सी वालों ने किया तो यूपी 100 गाड़ी पर तैनात पुलिसकर्मी गाली गलौज करने लगे। पुलिसकर्मियों की यह कारगुजारी वाहन की फोटो सहित सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसकी भनक जब एसपी को लगी तो उन्होंने देर रात गाड़ी के मुख्य आरक्षी राम भरोसे वर्मा और चालक आरक्षी धर्मेंद्र कुमार रावत को सस्पेंड कर दिया है।
सवारियां बैठाने का मामला सामने आया है, जिस पर पीबीआर 2850 गाड़ी के मुख्य आरक्षी राम भरोसे वर्मा और आरक्षी चालक धर्मेंद्र कुमार रावत को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों की विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। जांच में दोषी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिवा शिम्पी चनप्पा, एसपी