घर वालों ने आत्महत्या की जताई आशंका
थाना फरधान क्षेत्र के गांव कुर्रेया जंगल में आशाराम की 10 वर्षीय पुत्री सुमन का शव खेत में लगे एक आम के पेड़ से संदिग्ध हालात में लटकता मिला। वह शनिवार की सुबह शौच करने गई थी। घर वालों का कहना है कि बालिका मानसिक रोग से पीड़ित थी, जिसके चलते अपने ही दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव कुर्रेया जंगल निवासी आशाराम ने बताया कि पुत्री सुमन मानसिक रोगी थी। उसका लखीमपुर के एक मनोचिकित्सक के यहां इलाज चल रहा था। शनिवार की सुबह करीब सात बजे सुमन शौच के लिए गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। काफी देर होने के बाद जब वह घर नहीं आई तो परिवार वाले चिंतित हुए और उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान सुमन का शव गांव के बाहर स्थित एक आम के पेड़ से लटकता मिला। गले में उसी के दुपट्टे का फंदा कसा हुआ था और एक सिरा पेड़ की डाल से बंधा था। घर वाले उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घर वाले फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं, लेकिन आत्महत्या की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।