मोहल्ला राजगढ़ निवासी अमिता अवस्थी हत्याकांड का कोतवाली पुलिस और स्वॉट टीम ने संयुक्त रूप से खुलासा कर दिया है। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने दो अभियुक्तों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार किया, जिन्होंने पूछताछ में लेनदेन के विवाद में हत्या करने की बात कुबूल की गई है। अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतका का मोबाइल सेट भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों का चालान भेज दिया हैै।
पुलिस लाइंस में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने बताया कि मोहल्ला राजगढ़ में पांच अक्तूबर 2015 की रात को अमिता अवस्थी की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी, जिसकी जानकारी किराएदारों को सुबह हुई थी।
एक किराएदार की सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था, जिसमें गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। मृतका की बेटी ने दो लोगों पर हत्या का शक जाहिर करते हुए पुलिस को तहरीर दी थी, जिस पर पुलिस ने गोला निवासी बृजेश तिवारी और फरधान निवासी कृपाशंकर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।
जांच के दौरान नामजद अभियुक्तों की लोकेशन घटनास्थल पर नहीं मिली, जिसके बाद स्वॉट टीम को लगाया गया। सर्विलांस की मदद से मृतका के मोबाइल नंबर के साथ ही घटनास्थल पर एक और मोबाइल नंबर की मौजूदगी ट्रेस हुई, जो फूलबेहड़ निवासी अब्दुल रज्जाक का निकला।
स्वॉट और पुलिस टीम ने अब्दुल रज्जाक की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की तो एक युवती की भूमिका संदिग्ध पाई गई। साक्ष्यों को जुटाने के साथ ही पुलिस ने फूलबेहड़ निवासी अब्दुल रज्जाक और मोहल्ला प्रकाशनगर निवासी बरखा उर्फ रिशु को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों टूट गए और अमिता अवस्थी की हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्त अब्दुल रज्जाक ने स्वीकार किया है कि अनैतिक देह व्यापार के मामले में उसके और बरखा के खिलाफ 23 जनवरी 2015 को सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें दोनों जेल गए थे। पेशी के दौरान दोनों अभियुक्तों की मुलाकात अमिता अवस्थी से हुई थी।
जेल से छूटने के बाद दोनों ने अमिता अवस्थी के साथ मिलकर सेक्स रैकेट संचालित किया था, जिसमें रुपये के लेनदेन को लेकर पांच अक्तूबर की रात दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद अब्दुल रज्जाक और बरखा ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। भागते समय अभियुक्त मृतका का एक मोबाइल सेट भी उठा ले गए।
खुलासा करने वाली टीम में यह रहे शामिल
शहर कोतवाल एवं विवेचक नेमचंद्र गंगवार के नेतृत्व में सिपाही अजय सिंह और विजय शर्मा शामिल रहे। जबकि स्वॉट टीम के प्रभारी परशुराम ओझा, सिपाही शराफत अली, रामप्रकाश यादव, अजेंदर सिंह, वसीम, प्रदीप यादव, शेखर चौहान, यज्ञनारायण मिश्रा, सर्वेंद्र सिंह और संगीता गौतम शामिल रहे।
ज्वेलरी नहीं हुई बरामद
मृतका की पुत्री ने घर से जेवर, प्रापर्टी के कागजात आदि गायब होने का आरोप लगाया था। खासकर मृतका के गले से चेन, कानों के कुंडल आदि के गायब होने की बात कही थी, लेकिन पकड़े गए अभियुक्तों के पास से मृृतका का सिर्फ एक मोबाइल सेट बरामद हुआ हैै। जबकि ज्वेलरी आदि सामान नहीं मिला है।