सदर कोतवाली क्षेत्र के तीन गांवाें में सोमवार रात हथियार बंद बदमाशों ने तीन घराें को निशाना बनाया और नगदी-जेवर समेत लाखों का माल लूट कर फरार हो गए। खास बात यह कि लूट की तीनों वारदाताें में बदमाशों ने दो घंटे से अधिक समय बिताया पर पुलिस को कानोकान खबर नहीं लगी। वारदात के बाद ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस मौका मुआयना कर लौट आई।
सोमवार रात करीब तीन बजे बदमाशों ने शहर से सटे सिंघनिया निवासी रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी कर्मी यासीन के घर धावा बोला। बताते हैं कि करीब छह बदमाशों ने उनके पुत्र गफ्फार को बांध दिया। विरोध पर बदमाशाें ने गफ्फार की पिटाई कर दी। इस बीच आहट पाकर गफ्फार की मां सगुरन निशां कमरे से बाहर निकली तो बदमाशों ने उन्हें भी पकड़ लिया। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों के हाथ पैर बांध एक कमरे में डाल दिया और लूटपाट करने लगे। गृहस्वामी के पुत्र मशनून ने बताया कि विरोध करने पर बदमाशों ने बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। भुक्तभोगी के अनुसार बदमाश घर से एक लाख नगद और चार लाख के जेवर लूट ले गए। मशनून ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके भाई गफ्फार और कमाल मुंबई से कमाई कर घर लौटे थे। पुलिस ने अभी इस घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
वहीं रात करीब एक बजे रणहापुरवा गांव में नकाबपोश बदमाश रामसागर के घर में घुसे। बदमाशों ने परिवार वालों को बंधक बना लिया। बच्चे रोने लगे तो बदमाशों ने अपने को पुलिस बताकर उन्हें डराया-धमकाया। रामसागर ने बताया कि बदमाशों ने संदूक में रखे दो हजार रुपये, पायल, झुमकी और घर की महिलाओं के जेवर उतरवा लिए। बदमाशों ने यहां खाना और दूध-दही भी खाया और आराम से फरार हो गए। इसके बाद बदमाश समीप के गांव सेहरुआ पहुंचे। यहां अपने को पुलिस बताकर सरजू प्रसाद के घर में नौ बदमाश घुसे। परिवार वालों को असलहे के बल पर बंधक बना लिया। गृहस्वामी के पुत्र सुशील ने विरोध किया तो बच्चाें को मार डालने की धमकी दी गई। सुशील के मुताबिक बदमाश तीन हजार रुपये, बक्से में रखे कपड़े और 40 हजार के जेवर लूट ले गए।
सेहरुआ और रणहापुरवा में नहीं पहुंची पुलिस
महेवागंज। सेहरुआ और इसके मजरा रणहापुरवा में सोमवार रात हुई लूटपाट की घटना की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। ग्राम प्रधान नत्था राम ने बताया कि दो घरों में लूटपाट की जब उन्हें जानकारी हुई तो वे भी मौके पर पहुंचे। रामसागर के घर लूटपाट के दौरान बदमाश के जेब से गिरी पाकेट डायरी भी दिखाई। उन्हाेंने इसकी सूचना पुलिस को दी। बताया मंगलवार सुबह तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणो में नाराजगी है। वहीं बताते हैं सिंघनिया गांव में लूट की सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची तो जरूर पर रस्म अदायगी कर लौट आई।