- हत्या के 24 घंटों में पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी पुत्र गिरफ्तार
- एसपी ने पुलिस टीम को किया पुरस्कृत
गांव रामनगर लहबडी निवासी 70 वर्षीय शांती देवी की हत्या बदमाशों ने नहीं, बल्कि उसके छोटे पुत्र ने चार बीघा जमीन के लालच में गला दबाकर की थी। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर घटना का खुलासा कर हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने पुलिस टीम को नगद राशि देकर पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
बता दें कि गांव रामनगर लहबडी निवासी शांती देवी के कमरे में 26 अगस्त की रात कुछ लोग घुस गए थे और साड़ी का पल्लू शांती देवी के मुंह में ठूंस कर गला दबाकर हत्या कर दी थी। साथ ही पल्लू के एक छोर में बंधे 33 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस ने मृतका के बड़े पुत्र बाबू सिंह की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। मौके पर मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से पुलिस का शक शुरुआती जांच में मृतका के घर में ही गहरा रहा था। इसी को आधार मानकर पुलिस ने जब जांच तेज की तो उसके साथ हत्यारे तक पहुंच गए। कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्रा ने जब उसके छोटे पुत्र इतलेश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने पुलिस के सामने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। कोतवाल ने बताया कि मामला जमीन के बंटवारे से जुड़ा निकला। हत्यारोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी मां शांती अपने बड़े बेटे के साथ रहती थी। मां अपने हिस्से की चार बीघा भूमि भी बड़े पुत्र को देना चाहती थी। चार साल पहले पिता मंगूलाल भार्गव की मौत के बाद से मां बीमार रहती थी, उसके इलाज में उसने लाखों रुपये कर्ज लिया था। उसे अदा करने के लिए मां से जब जमीन मांगी तो मां जमीन बड़े बेटे बाबू सिंह को देने जा रही थी। इसी के चलते मां की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्यारोपी का चालान कर दिया है।
पुलिस टीम में यह लोग रहे शामिल
धौरहरा खीरी। बुजुर्ग शांती देवी हत्याकांड के लिए गठित टीम में कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्रा, दरोगा अशोक बाबू शर्मा, सिपाही वरुण सिंह और धर्मेंद्र शामिल थे। एसपी अखिलेश चौरसिया ने 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा करने पर टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।