दहेज के लिए विवाहिता की हत्या का मामला
दहेज की मांग के चलते विवाहिता को मौत के घाट उतारने के मामले में फार्स्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) जज अनामिका चौहान ने पति, सास और ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी प्रमोद सिंह ने बताया कि गोला कस्बे के कुम्हारनटोला निवासी जगदीश प्रसाद अवस्थी ने अपनी लड़की अर्चना की शादी 23 मई 2002 को लखीमपुर शहर के मोहल्ला सरबती कॉलोनी निवासी सुधीर मिश्र के साथ की थी। आरोप है कि शादी मे हैसियत से बढ़कर खर्च करने के बाद पति सुधीर मिश्र, सास मिथलेश और ससुर राजनरायन विवाहिता को उत्पीड़ित करते थे। इसी बीच छह अप्रैल 2006 को अर्चना की लाश उसकी ससुराल सरबती देवी कॉलोनी में फांसी के फंदे पर लटकती हुई र्मिली। इस मामले में मृतका के पिता जगदीश प्रसाद अवस्थी ने पति सुधीर मिश्र ससुर राजनरायन और सास मिथलेश, भतीजे सोनू और रिश्तेदार मनीष के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कराते हुए कहां कि पांचों लोगों ने अर्चना को मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया और लाश फांसी के फंदे पर लटका दी। एडीजीसी पीके सिंह ने मामले में जगदीश प्रसाद, अशोक, डॉक्टर अखिलेश खरे, नायब तहसीलदार राजेश कुुमार सहित आठ लोगों की गवाही पेश की तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने सुनवाई के बाद पति सुधीर मिश्र, ससुर राजनरायन और सास मिथलेश को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना डाला है।