मोहल्ल्ला निर्मलनगर में हुई घटना
खुदकुशी के कारणों को लेकर सस्पेंस
बृहस्पतिवार को शहर के मोहल्ला निर्मलनगर में एक छात्रा ने घर में केरोसिन डालकर आग लगा ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृृतका शहर के भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय में एमए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और बृहस्पतिवार को उसे परीक्षा में शामिल होना था। छात्रा की आत्महत्या करने के कारणों को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है।
शहर के मोहल्ला निर्मलनगर निवासी छोटेलाल गुप्ता परिवार सहित बुधवार को अपने साढू के बेटे की शादी में शामिल होने गांव पिपरिया अंडू गए थे, जहां से बारात निघासन के पतिया गांव गई थी। पेशे से किराना व्यापारी छोटेलाल की पुत्री 23 वर्षीय राधा गुप्ता भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय में एमए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी, जिसे बृहस्पतिवार को अपराह्न दो बजे से परीक्षा में शामिल होना था। इसलिए बृहस्पतिवार की सुबह छात्रा राधा गुप्ता अकेले ही अपनी रिश्तेदारी से निर्मलनगर लौट आई थी। करीब 11 बजे चीख सुनकर पड़ोसियों ने छोटेलाल की छत पर छात्रा को आग की लपटों में घिरा देखा तो सन्न रह गए। शोर सुनकर मोहल्ले वालों की भीड़ लग गई, सूचना पाकर मिश्राना चौकी इंचार्ज हंसमती घटनास्थल पर पहुंचीं तो छत पर छात्रा का शरीर जल रहा था। पानी डालकर आग को बुझाया गया। घर में केरोसिन तेल की बदबू भरी थी, क्योंकि छात्रा ने केरोसिन को पूरी तरह शरीर पर डालकर आग लगाई थी। घर में सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्मदाह करने के कारणों पर सस्पेंस बना हुआ है। माचिस छत पर शव के पास ही पड़ी मिली। छात्रा को दो बजे से परीक्षा देने जाना था लेकिन उससे तीन घंटे पहले ही उसने जान दे दी। खास बात यह है कि छात्रा के घर का मेन गेट खुला था फिर भी किसी ने उसे तुरंत बचाने की कोशिश नहीं की। मृतका के पिता छोटेलाल ने उसकी शादी निघासन के बौधिया गांव से तय कर दी थी और 18 मार्च 2016 को बरीक्षा हो चुकी थी। शादी की तारीख अभी फाइनल नहीं हुई थी। मृतका के पिता छोटेलाल ने बताया हैै कि शादी को लेकर उसने कोई विरोध या शिकायत नहीं की थी।
घरेलू कलह नहीं तो क्या है कारण
छात्रा के परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई और बड़ी बहन है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। परिवार वाले भी कलह की बात से इंकार कर रहे हैं। शादी को लेकर भी विरोध नहीं था तो आत्महत्या के पीछे क्या वजह रही, यह जानने के लिए परिवार वाले बेचैन हैं। पुलिस भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
घर को नहीं पहुंचने दिया नुकसान
छात्रा का केरोसिन डालकर आग लगाने से पहले घर को नुकसान न पहुंचने देने का विचार रहा होगा। इसलिए छात्रा ने खुद को छत पर आग लगाई। यदि घर में आग लगाती तो घर में रखा सामान जल जाता और काफी नुकसान हो सकता था।
मेन गेट का खुला होना खड़े कर रहा सवाल
घटना के समय छात्रा का घर पर अकेले होना बताया जा रहा है क्योंकि उसके माता-पिता और भाई शादी में गए हुए थे। सिर्फ छात्रा ही परीक्षा देने के लिए लौटी थी। घटना के बाद छात्रा का शव छत पर पड़ा था और मेन गेट का दरवाजा खुला था। चौकी इंचार्ज हंसमती ने बताया कि मेन गेट अंदर से बंद नहीं था। सवाल है कि छात्रा अगर आत्महत्या करने जा रही थी उसने मेन गेट खुला क्यों छोड़ा। शक की गुंजाइश यह भी है कि घटना के समय कोई और मौजूद तो नहीं था जो मौका पाकर भाग निकला हो।
बीमारी से परेशान महिला ने दी जान
लखीमपुर खीरी। फरधान थाना के गांव नयागांव मेें बीमारी से परेशान होकर एक महिला ने आग लगाकर जान दे दी। परिवार वालों ने बुरी तरह झुलसी महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
फरधान थाना क्षेत्र के गांव नयागांव निवासी विनोद शुक्ला की पत्नी 32 वर्षीय सोनी शुक्ला ने बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे केरोसिन डालकर आग लगा ली, जिसमें वह गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के समय परिवार वाले खेत पर गए थे। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों ने महिला को बचाया और घटना की सूचना खेत गए परिवार वालों को दी। आनन-फानन में परिवार वाले उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। मृतका के पति विनोद ने बताया कि पत्नी की बच्चेदानी के ट्यूमर का आपरेशन 18 अप्रैल को हुआ था। कुछ लोगों ने सोनी को कैंसर होने की जानकारी देकर भ्रमित कर दिया। वह कैंसर से खौफजदा होकर परेशान रहने लगी थी। बृहस्पतिवार को घर के सभी लोग खेत पर गए थे, तभी उसने मौका पाकर आग लगा ली।